मिर्जापुर में जिम की आड़ में अश्लील वीडियो, ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण का खेल का पर्दाफाश

मिर्जापुर,कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीजेएम कोर्ट से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया इमरान।

जिम की आड़ में चल रहे कथित धर्मांतरण, अश्लीलता और ब्लैकमेलिंग के संगठित गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस सनसनीखेज प्रकरण में मुख्य आरोपी इमरान के साथ अब तक उसके छह अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कई संदिग्ध पुलिस के रडार पर हैं। मिर्जापुर क्षेत्र से शुरू हुई इस घटना ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी इमरान और उसके साथी योजनाबद्ध तरीके से हिंदू युवतियों को निशाना बनाते थे। पहले जिम और सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती, फिर प्रेमजाल में फंसाकर अश्लील वीडियो बनाना, उसके बाद उन्हीं वीडियो के दम पर ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न किया जाता था। आरोप है कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िताओं पर धर्मांतरण के लिए अवैध दबाव बनाया जाता था।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों के मोबाइल और डिजिटल डिवाइस से बड़ी संख्या में आपत्तिजनक वीडियो, चैट्स और फोटो बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि ये सामग्री सिर्फ निजी इस्तेमाल तक सीमित नहीं थी, बल्कि ब्लैकमेलिंग और डर का हथियार बन चुकी थी। मामले की भयावहता को देखते हुए डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी इमरान के खिलाफ पहले ही लुकआउट नोटिस जारी किया गया था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। दुबई फरार होने की कोशिश के दौरान उसे दिल्ली एयरपोर्ट से दबोच लिया गया। पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि गिरोह का नेटवर्क जनपद की सीमाओं से बाहर तक फैला हो सकता है।
पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ अश्लीलता या ब्लैकमेलिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक उन्माद फैलाने और सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने की साजिश का भी हिस्सा हो सकता है। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और जल्द ही और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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