जिम कांड में सियासी भूचाल, इमरान की गिरफ्तारी के बाद आरोप–प्रत्यारोप तेज

जिम कांड में सियासी भूचाल, इमरान की गिरफ्तारी के बाद आरोप–प्रत्यारोप तेज
दिल्ली एयरपोर्ट से जिम कांड का मास्टरमाइंड बताए जा रहे इमरान की गिरफ्तारी के बाद मामला अब केवल आपराधिक न रहकर पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। गिरफ्तारी के बाद इमरान ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि सपा नेता सतीश मिश्रा ने साजिशन उसे फंसवाया है।

इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया।
इमरान के आरोपों पर सपा नेता सतीश मिश्रा ने प्रेस वार्ता कर जोरदार पलटवार किया। सतीश मिश्रा ने दावा किया कि इमरान 27/5/25 को देश छोड़कर भागने की तैयारी में था। इसकी लिखित सूचना उन्होंने एक दिन पूर्व ही पुलिस को दे दी थी। सतीश के अनुसार उन्होंने पुलिस को यह भी अवगत कराया था कि इमरान द्वारा संचालित जिम में कई असंवैधानिक गतिविधियों की आशंका है, इसी कारण उसके वीजा और पासपोर्ट निरस्तीकरण की मांग की गई थी।
सतीश मिश्रा ने कहा कि उनका नाम जानबूझकर साजिश के तहत मामले में घसीटा जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनका और इमरान का विवाद पुराना है। दोनों के बीच रुपये के लेनदेन और जमीन को लेकर विवाद रहा है। सतीश के अनुसार वे और इमरान दोनों ही रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े बताए जाते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि 28 तारीख को इमरान ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर उनके खिलाफ लिखित शिकायत की थी।
प्रेस वार्ता में सतीश मिश्रा ने इमरान पर पलटवार करते हुए कहा कि इमरान के संबंध विपक्ष से नहीं, बल्कि सत्ता दल के नेताओं से अधिक रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इमरान की कई तस्वीरें सत्ता पक्ष के नेताओं के साथ वायरल हो रही हैं। सतीश ने आरोप लगाया कि इमरान अपनी गाड़ियों में सत्ता दल के झंडे लगाकर घूमता था और उसकी गाड़ियों पर विधायक पास भी लगा रहता था।
प्रेस वार्ता के दौरान सतीश मिश्रा ने उमाशंकर यादव नामक व्यक्ति को भी अपने साथ मंच पर बैठाया, जिसे उन्होंने इमरान से पीड़ित बताया। सतीश का कहना था कि उमाशंकर सहित कई लोग इमरान की गतिविधियों से प्रताड़ित रहे हैं, लेकिन भय के कारण सामने नहीं आ पा रहे थे।
धर्मांतरण, ब्लैकमेलिंग और वीडियो के आरोपों में इमरान गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार इमरान की गिरफ्तारी केवल फरारी की कोशिश तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पर कई गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आया है कि इमरान द्वारा संचालित जिम की आड़ में युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जाता था। विरोध करने पर अश्लील वीडियो वायरल करने और सामाजिक बदनामी की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाता था।
पुलिस का दावा है कि इमरान के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों से आपत्तिजनक वीडियो, चैट और कई संदिग्ध साक्ष्य बरामद हुए हैं। इन्हीं सबूतों के आधार पर उसके खिलाफ अवैध धर्मांतरण, ब्लैकमेलिंग, साइबर अपराध, धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और धमकी जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तारी के बाद इमरान को ट्रांजिट रिमांड पर मिर्जापुर लाया गया है, जहां सीजेएम कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में इमरान को भेज दिया है जेल।
फिलहाल जिम कांड में सात गिरफ्तारी के बाद जहां एक ओर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, वहीं दूसरी ओर पुलिस जांच के दौरान आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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