
मीरजापुर में ग्राम पंचायत सचिवों का विरोध तेज, गैर-विभागीय कार्यों के बहिष्कार का ऐलान
मीरजापुर।
जनपद मीरजापुर में ग्राम पंचायत सचिवों ने अपने मूल पंचायती राज विभाग के कार्यों के अलावा अन्य विभागों के कार्य कराए जाने को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। सचिवों का आरोप है कि उनसे राजस्व विभाग सहित अन्य विभागों के कार्य लगातार कराए जा रहे हैं, जिससे पंचायत स्तर के मूल कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कर्मचारियों पर अनावश्यक मानसिक व शारीरिक दबाव बढ़ रहा है।
ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन में बताया गया है कि वे प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, अमृत सरोवर, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, परिवार रजिस्टर का अद्यतन, पंचायत भवनों का संचालन सहित अपने विभाग के अनेक दायित्वों का निर्वहन पहले से ही कर रहे हैं। इसके बावजूद उनसे फार्मर रजिस्ट्री, फैमिली आईडी, ई-स्टैक सहित राजस्व व अन्य विभागों के कार्य कराए जा रहे हैं।
सचिवों का कहना है कि शासन स्तर पर स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद मीरजापुर जनपद में खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। देर रात तक फील्ड में कार्य कराए जाने के साथ-साथ प्रतिदिन दो से तीन बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कराई जा रही है, जिनमें उच्च अधिकारियों की भाषा आक्रामक और अपमानजनक बताई गई है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि हाल ही में चले विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान में ग्राम पंचायत सचिवों ने रात तक काम किया, लेकिन इसका श्रेय राजस्व विभाग के कर्मचारियों को दिया गया, जिससे सचिवों में भारी नाराजगी है। सचिवों का कहना है कि यह स्थिति उन्हें हतोत्साहित करने वाली है।
ग्राम पंचायत सचिवों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत सहायक की नियुक्ति का उद्देश्य पंचायतों को सशक्त करना था, लेकिन मीरजापुर में पंचायत सहायकों से भी अन्य विभागों के कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे ग्राम पंचायतों में जनहित के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
इस मामले में 26 जनवरी 2026 को ग्राम पंचायत सचिवों ने सामूहिक सहमति से निर्णय लिया है कि 27 जनवरी को दोपहर दो बजे खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही 27 जनवरी से गैर-विभागीय कार्यों से संबंधित किसी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भाग नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा 28 जनवरी 2026 से फार्मर रजिस्ट्री, फैमिली आईडी, ई-स्टैक सहित सभी गैर-विभागीय कार्यों का पूर्ण बहिष्कार करते हुए केवल पंचायती राज विभाग का कार्य किया जाएगा।
ग्राम पंचायत सचिवों ने प्रशासन से मांग की है कि उनसे केवल उनके विभाग से संबंधित कार्य ही कराए जाएं, ताकि पंचायत स्तर पर शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके और ग्रामीण जनता को समय पर लाभ मिल सके।















