12 फरवरी को मिर्जापुर में भी बिजली कर्मियों की हड़ताल

12 फरवरी को मिर्जापुर में भी बिजली कर्मियों की हड़ताल, निजीकरण के विरोध में कार्य ठप रखने का ऐलान
मिर्जापुर। पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का असर जनपद मिर्जापुर में भी दिखाई देगा। मिर्जापुर के बिजली कर्मचारी नेता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर जिले के बिजली कर्मचारी और अभियंता एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे और कार्य से विरत रहकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
बिजली कर्मचारी नेता ने बताया कि यह हड़ताल इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लेने, पावर सेक्टर के निजीकरण पर रोक लगाने तथा कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया को निरस्त करना भी आंदोलन की प्रमुख मांगों में शामिल है।
मिर्जापुर के बिजली कर्मियों ने चिंता जताई कि पावर सेक्टर में नियमित प्रकृति के कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है, जिससे रोजगार की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। हड़ताल की मांगों में आउटसोर्सिंग पर रोक, नियमित पदों पर सीधी भर्ती और आउटसोर्स कर्मियों का नियमितीकरण भी प्रमुख रूप से शामिल है।
बिजली कर्मचारी नेता के अनुसार 12 फरवरी को मिर्जापुर जनपद के सभी बिजली कार्यालयों, उपकेंद्रों और परियोजनाओं पर बिजली कर्मी कार्य से बाहर रहकर विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि संयुक्त किसान मोर्चा और देश की दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी बिजली कर्मचारियों के समर्थन में आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया है, जिससे यह हड़ताल ऐतिहासिक रूप लेने जा रही है।
उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र का निजीकरण गरीब उपभोक्ताओं, छोटे और मध्यम उद्योगों तथा आम जनता के हितों के खिलाफ है। इसलिए केंद्र सरकार द्वारा लाए गए इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को तत्काल वापस लिया जाना आवश्यक है।
बिजली कर्मचारी नेता ने मिर्जापुर के सभी बिजली कर्मियों, अभियंताओं और संविदा कर्मचारियों से अपील की है कि वे 12 फरवरी की हड़ताल में एकजुट होकर भाग लें और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए इस आंदोलन को सफल बनाएं।

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