
मीरजापुर।
त्योहारों और आयोजनों के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस अधीक्षक मीरजापुर अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत जिले के मैरेज लॉन, धार्मिक स्थलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर अनुमन्य सीमा से अधिक तेज आवाज़ में बज रहे लाउडस्पीकरों व ध्वनि विस्तारक यंत्रों को उतरवाया गया।
पुलिस प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नियम विरुद्ध डी.जे. और लाउडस्पीकरों के अत्यधिक प्रयोग से छात्रों की परीक्षा तैयारी प्रभावित हो रही है, वहीं बीमार व्यक्तियों और आम नागरिकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा राजपत्रित अधिकारियों के नेतृत्व में सभी थाना व चौकी प्रभारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसी क्रम में 16 फरवरी 2026 को जनपदीय पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर सार्वजनिक व धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों की जांच की। जहां मानक से अधिक ध्वनि पाई गई, वहां संबंधित उपकरणों को हटवाते हुए आयोजकों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
हालांकि, पुलिस कार्रवाई के बावजूद चिल्ह थाना क्षेत्र के कुछ इलाकों में सुबह-सुबह तेज आवाज़ को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। गंगा तट पर रहने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा पार कमासिन की ओर से आने वाली तेज ध्वनि इतनी अधिक होती है कि नदी के इस पार रहने वाले लोग भी गंभीर रूप से परेशान हो जाते हैं। लोगों ने प्रशासन से इस समस्या पर स्थायी समाधान की मांग की है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।















