
15 घंटे में खुलासा: अधिवक्ता हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ के बाद एक और आरोपी गिरफ्तार
मिर्जापुर। कटरा कोतवाली क्षेत्र में हुए अधिवक्ता हत्याकांड में पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। मुख्य आरोपी को घटना के महज 15 घंटे के भीतर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने के बाद अब उसके सहयोगी को भी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है।
जानकारी के अनुसार, इन्द्रासन बिंद उर्फ पुलिस बिंद पुत्र गिरजा बिंद निवासी लोहदी कला (लंका पहाड़ी), कोतवाली देहात को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। यह आरोपी अधिवक्ता हत्या मामले में मुख्य अभियुक्त का सहयोगी बताया जा रहा है।

गौरतलब है कि सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले अधिवक्ता की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। घटना के बाद पुलिस महकमा पूरी तरह सक्रिय हो गया और लगातार दबिश व तलाश के बाद आरोपियों को चिन्हित कर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई।
कटरा कोतवाली पुलिस की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई की आमजन में सराहना हो रही है। खासतौर पर कटरा कोतवाल की नेतृत्व क्षमता और सक्रियता की प्रशंसा की जा रही है, जिनके निर्देशन में पुलिस टीम ने बेहद कम समय में घटना का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्त में लिया।
पुलिस की इस मुस्तैदी से यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
25 हजार का इनामी हत्यारोपी मुठभेड़ में घायल गिरफ्तार, तमंचा-कारतूस बरामद
मिर्जापुर। अधिवक्ता हत्याकांड में फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त को एसओजी, सर्विलांस व कटरा कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से अवैध तमंचा, कारतूस व मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
पुलिस के अनुसार 11 अप्रैल 2026 को कटरा कोतवाली क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान इंद्रासन बिंद पुत्र स्व. गिरजा बिंद निवासी लोहदीकलां (लंका पहाड़ी), थाना कोतवाली देहात का नाम प्रकाश में आया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में पांच टीमों का गठन किया गया था।
सोमवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने राजापुर गांव में दबिश दी। इस दौरान आरोपी पुलिस को देख भागने लगा और घेराबंदी होने पर पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षार्थ फायरिंग की, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
तलाशी में आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त 315 बोर का अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस व एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में एक और मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। घायल आरोपी को उपचार के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गांव के ही राजेंद्र सोनकर के साथ मिलकर पुरानी चुनावी रंजिश के चलते 11 अप्रैल को अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या की गई थी।
इस कार्रवाई में एसओजी प्रभारी निरीक्षक राजीव सिंह व थानाध्यक्ष कटरा वैद्यनाथ सिंह अपनी टीम के साथ शामिल रहे। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।















