समाचारCMO सुरेंद्र कुमार ने लिया चार्ज -MIRZAPUR

CMO सुरेंद्र कुमार ने लिया चार्ज -MIRZAPUR

मिर्ज़ापुर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नए भवन के अंदर अपने चहेते को केन्टीन दिए जाने के मामले को गंभीरता से लिया गया है ।किसी भी सरकारी परिसर में बगैर वैध अनुमति के केन्टीन चलाना कानून का उलंघन व् आर्थिक क्षति दोनों होता है । जानकारी के मुताबिक़ CMO उमेश यादव द्वारा अपनी मर्जी से केन्टीन बिना किसी कोरम के पूरा किये बगैर दिए जाने से CMO ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया था। नए प्रांगण के मुख्य द्वार पर दूकान खुलवा दिया गया जिसे CMO नेअपनी मर्जी को प्राथमिकता पर रक्खा ,कानून व् संविधान को किनारे करते हुए संबंधों का ख्याल रक्खा ।जिससे एक बार पुनः संविधान पर सम्बन्ध भारी साबित हुआ ।इसकी जांच कमिशनर स्तर से भी की जा रही है ।फिलहाल समाचार लिखे जाने के 18 घण्टे पहले ही CMO उमेश यादव का ट्रान्सफर कर दिया गया है ।अब मिर्ज़ापुर के नए CMO सुरेन्द्र उपाध्याय हुए ।
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नवागत सीएमओ डा0 सुरेंद्र कुमार उपाध्याय ने कार्यभार ग्रहण किया
जिला अस्पताल सहित पीएचसी सीएफसी की बदहाल व्यवस्था दुरूस्त करना बडी चुनौति होगी
  मिर्जापुर। जिले मे सीएमओ डा0 उमेश सिंह यादव तीन महिने का कार्यकाल भी नही बीता पाये।अचानक शासन का आदेश आया और शुक्रवार को देर गये रात मे उन्हे नवागत सीएमओ डा0 सुरेन्द्र कुमार उपाध्याय को कार्यभार सौपना पडा। नवागत सीएमओ डा0 सुरेंद्र उपाध्याय मूलरूप से उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले के निवासी और फिजिशियन है। एमडी मेडिसीन पीजी डा0 एस के उपाध्याय फिजिशियन के रूप मे 11 साल इलाहाबाद, 6 साल आजमगढ मे सेवा करने के बाद कुशीनगर मे एक वर्ष डिप्टी सीएमओ रहे। यहा से प्रमोशन कर कौशांबी जिले मे सीएमओ बनाकर भेजे गये जहा एक वर्ष कार्यकाल पूरा कर मिर्जापुर सीएमओ के पद पर शासन ने भेजा है। शुक्रवार को देर रात कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत सीएमओ डा0 सुरेंद्र उपाध्याय ने शनिवार को कार्यालय का निरीक्षण किया और डिप्टी और एडिशनल सीएमओ सहित पीएचसी सीएचसी प्रभारियो के साथ परिचय बैठक कर वहा की ताजा स्थिति की जानकारी ली। नवागत सीएमओ ने पत्रकारो से बातचीत मे कहाकि शासन स्तर से आने वाली सभी योजना का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुँचाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। बहरहाल नवागत सीएमओ के सामने कई और भी चुनौतिया है। मातहतो का समय से वेतन रीलिज करने के साथ ही जिला अस्पताल सहित सभी पीएचसी सीएचसी पर जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम सहित अन्य योजनाओ का सही सही अनुपालन कराना जैसी चुनौतिया है। जिला अस्पताल मे चिकित्सको की ओपीडी का समय भगवानदास भरोसे था। तो वही पीएचसी सीएचसी पर जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तंत्र पौष्टिक भोजन तो दूर दाल रोटी तक डिलेवरी के उपरांत मयस्सर नही हो रहा था। कुछ ही दिन पूर्व मडिहान सीएचसी पर डिलेवरी के उपरांत महिलाओ को भोजन नाशता न मिलने से आक्रोशित उनके तीमारदारो ने जमकर हंगामा काटा था। नवागत सीएमओ डा0 उपाध्याय को जेएसएसके कार्यक्रम के कुशल क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। 

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