
अंडों पर एक्सपायरी और मैन्युफैक्चरिंग डेट अनिवार्य करने पर मंथन, सहमति बनाने की उठी मांग
लखनऊ — उत्तर प्रदेश में अंडों पर एक्सपायरी डेट और मैन्युफैक्चरिंग (उत्पादन) डेट लिखे जाने को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन फिलहाल इस संबंध में कोई स्पष्ट और सार्वभौमिक नियम लागू नहीं किया गया है।
खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत पैक्ड फूड पर निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि लिखना अनिवार्य होता है, जबकि खुले में बिकने वाले अंडों पर यह नियम सख्ती से लागू नहीं है। बड़े पोल्ट्री ब्रांड्स अपने पैकेज्ड अंडों पर “बेस्ट बिफोर” जैसी जानकारी जरूर देते हैं।
इसी बीच Journalist Welfare Society के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने इस मुद्दे पर व्यापक सहमति बनाए जाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के हित में अंडों की गुणवत्ता और ताजगी सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जरूरी हैं।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार, खाद्य सुरक्षा एजेंसियां और व्यापारियों के बीच समन्वय स्थापित कर व्यावहारिक समाधान निकाला जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सही और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।
इस विषय पर FSSAI स्तर पर भी समय-समय पर मानकीकरण और जागरूकता की पहल की जाती रही है, लेकिन हर अंडे पर अलग-अलग डेट अंकित करना अभी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे विश्वसनीय विक्रेताओं से ही अंडे खरीदें और उपयोग से पहले उनकी ताजगी की जांच अवश्य करें।















