समाचारपिपराडाड सामुदायिक शौचालय के निर्माण में गोलमाल - मिर्जापुर

पिपराडाड सामुदायिक शौचालय के निर्माण में गोलमाल – मिर्जापुर




मिर्जापुर,
जहां उत्तर प्रदेश की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रबल इच्छा शक्ति जाहिर करती रही है तो वही जनपद मिर्जापुर सिटी ब्लॉक के पिपराडाड निर्मित सामुदायिक शौचालय इन दिनों समूचे जनपद में चर्चा का विषय बन गया है ।

दरसल सहायक विकास अधिकारी विकासखंड सिटी मिर्जापुर की माने तो खुलेआम भ्रष्टाचार की शिकायत जिला पंचायत राज अधिकारी, मिर्जापुर खंड विकास अधिकारी सिटी, मंडली

उपनिदेशक पंचायत विंध्याचल मंडल और मुख्य विकास अधिकारी मिर्जापुर के कार्यालय तक इस बात की हलचल देखी जा रही है।
स्थानीय लोगों की माने तो व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार के उजागर होने के बाद भी कार्रवाई न होना हर कोई दबी जुबान से आश्चर्य व्यक्त कर रहा है ।

बताते चलें कि सामुदायिक शौचालय बनने के लिए सरकार ने 495000 की धनराशि निर्धारित की ।
निर्धारित धनराशि से ₹371930 निकाल लिया गया लेकिन मौके पर निरीक्षण के बाद जो रिपोर्ट सामने आ रही है वह अत्यंत चौंकाने वाला है ।

रिपोर्ट के मुताबिक 75 दशमलव 13% रुपया निकाले जाने के बाद कार्य सिर्फ 55% के आसपास कराया गया है । समस्त कार्यों के लिए रुपया निकाल लिया गया है जबकि कई मुख्य कार्यों को नहीं कराया गया है , जो कार्य कराए जाने के लिए रुपया निकाल लिया गया और नहीं कराया गया उसमें मुख्य रूप से प्लास्टर नहीं कराया गया न फर्श बनाया गया गमला नही लगाया गया ना ही पानी की वायरिंग कराई गई पानी की टंकी तक का पता नहीं है शौचालय और मूत्रालय का भी पैन नहीं लगाया गया है यहां तक की सोख्ता गड्ढा की टंकी गायब है चुना पेंटिंग एवं नारा लिखे जाने की व्यवस्था का भी अनुपालन नहीं किया गया है ।

जबकि चुना पेंट और नारा लिखे जाने के नाम पर ₹57645 खाते से निकाल लिया गया है ।
उपरोक्त संपूर्ण मामला गबन की श्रेणी में प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है ।
मुख्यालय के नजदीक इस तरीके के भ्रष्टाचार के मामले जब प्रकाश में आते हैं तो सभी के पैरों तले जमीन खिसकता नजर आता है ।सरकार का लाख दावा खोखला उस वक्त नजर आता है जब सिटी ब्लॉक के अंदर इस प्रकार के कार्य में लापरवाही सार्वजनिक होती है ।

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