मिर्जापुर के न्यायालय परिसर व जजेज कॉलोनी के सूखे आम के पेड़ों की होगी नीलामी

न्यायालय परिसर व जजेज कॉलोनी के सूखे आम के पेड़ों की 23 अप्रैल को होगी नीलामी

मीरजापुर। जनपद न्यायाधीश के निर्देश पर न्यायालय परिसर एवं जजेज कॉलोनी स्थित सूखे आम के पेड़ों की नीलामी की प्रक्रिया तय कर दी गई है। जानकारी के अनुसार न्यायालय परिसर में स्थित दो तथा जजेज कॉलोनी में स्थित एक सूखे आम के पेड़ की नीलामी आगामी 23 अप्रैल 2026 को अपराह्न 4 बजे जनपद न्यायालय के मीटिंग हॉल में संपन्न कराई जाएगी।

नीलामी में भाग लेने के इच्छुक बोलीदाताओं को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित पेड़ों का पूर्व में भली-भांति निरीक्षण कर लें, क्योंकि बाद में किसी प्रकार का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। पेड़ों का निरीक्षण किसी भी कार्य दिवस में केंद्रीय नाजिर से संपर्क कर किया जा सकता है।

प्रत्येक बोलीदाता को नीलामी में भाग लेने से पहले 10,000 रुपये की धरोहर राशि जमा करनी होगी। यह राशि 22 अप्रैल 2026 को सायं 5 बजे तक प्रार्थना पत्र एवं आधार कार्ड की प्रमाणित छायाप्रति के साथ जमा करना अनिवार्य होगा। बिना धरोहर राशि जमा किए किसी भी व्यक्ति को नीलामी में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

नीलामी प्रक्रिया में प्रभारी वनाधिकारी, वन प्रभाग मीरजापुर द्वारा स्वीकृत सर्वे रिपोर्ट से कम की बोली स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही, नीलामी समिति को बिना कारण बताए किसी भी बोली को स्वीकार या अस्वीकार करने तथा नीलामी निरस्त करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा।

सर्वोच्च बोली लगाने वाले व्यक्ति को बोली स्वीकृत होने के तुरंत बाद पूरी धनराशि जमा करनी होगी। अन्य बोलीदाताओं की धरोहर राशि नियमानुसार वापस कर दी जाएगी, जबकि स्वीकृत बोलीदाता की धरोहर राशि समायोजित कर ली जाएगी। नीलामी के बाद संबंधित व्यक्ति को वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1975 एवं 1978 के तहत वन विभाग में प्रति वृक्ष 150 रुपये शुल्क जमा कर उसकी रसीद प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

नीलामी की शर्तों के अनुसार विजेता को 26 अप्रैल 2026 तक पेड़ों की कटान एवं उठान सुनिश्चित करना होगा। कटान के दौरान यदि आसपास की किसी संपत्ति, बाउंड्री वॉल, बिजली के पोल या तार को नुकसान पहुंचता है, तो उसकी मरम्मत का पूरा दायित्व संबंधित बोलीदाता का होगा और इसके लिए कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी अन्य वृक्ष को क्षति पहुंचाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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