
न्यूज़ीलैंड की ऊन महंगी पड़ रही भारतीय कालीन उद्योग पर, सीईपीसी ने उठाया मुद्दा
नई दिल्ली/मिर्जापुर, 15 जुलाई। भारत टेक्स 2026 के दूसरे दिन आयोजित भारत-न्यूज़ीलैंड उच्च स्तरीय राउंडटेबल चर्चा में भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग के सामने खड़ी चुनौतियां प्रमुखता से उठाई गईं। कारपेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (सीईपीसी) ने न्यूज़ीलैंड की ऊन की बढ़ती कीमतों और सीमित उपलब्धता को भारतीय कालीन उद्योग के लिए बड़ी समस्या बताया।
नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई। न्यूज़ीलैंड प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ग्रामीण समुदायों के मंत्री एवं कृषि के एसोसिएट मंत्री मार्क पैटरसन ने किया, जबकि सीईपीसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष कैप्टन मुकेश गोम्बर ने किया।

बैठक में सीईपीसी ने कहा कि न्यूज़ीलैंड की ऊन की कीमतों में लगातार वृद्धि से भारतीय कालीन निर्माताओं की उत्पादन लागत बढ़ी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो रही है। साथ ही उच्च गुणवत्ता वाली ऊन की सीमित उपलब्धता के कारण निर्यातकों को समय पर ऑर्डर पूरे करने और उत्पादन को निर्बाध बनाए रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सीईपीसी अध्यक्ष कैप्टन मुकेश गोम्बर ने कहा कि भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच व्यापारिक सहयोग को मजबूत करने से हस्तनिर्मित कालीन उद्योग को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि यदि उच्च गुणवत्ता वाली ऊन की नियमित और स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित हो जाए तो भारतीय कालीन उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और मजबूत होगी।
सीईपीसी के उपाध्यक्ष असलम महबूब ने कहा कि न्यूज़ीलैंड की ऊन अपनी गुणवत्ता के कारण दुनिया भर में पहचान रखती है और भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग के लिए यह एक महत्वपूर्ण कच्चा माल है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ निरंतर संवाद और सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में मिर्जापुर के प्रमुख कालीन निर्यातक एवं ईस्टर्न मिल्स के ज़फर इकबाल अंसारी ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि ऊन की बढ़ती कीमतों के साथ इसकी सीमित उपलब्धता भी उद्योग के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। निर्यात मांग को पूरा करने और उत्पादन को सुचारु बनाए रखने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली ऊन की नियमित आपूर्ति आवश्यक है।
राउंडटेबल चर्चा का समापन भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच व्यापारिक सहयोग, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और वस्त्र क्षेत्र में नए अवसर विकसित करने के साझा संकल्प के साथ हुआ।















