
श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते वीआईपी दर्शन पर लगी थी रोक, जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं
मीरजापुर, 11 अक्टूबर। विन्ध्याचल धाम में वीआईपी दर्शन बंद किए जाने और प्रवेश को लेकर उठे सवालों के मामले में विन्ध्य धाम सुरक्षा प्रभारी से कराई गई जांच में पंडा समाज को अनधिकृत रूप से प्रवेश से रोकने के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
जांच के अनुसार, जिलाधिकारी मीरजापुर के आदेश के क्रम में रविवार को सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे तक अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन और उन्हें सुगमतापूर्वक दर्शन कराने के उद्देश्य से वीआईपी दर्शन बंद कर दिए गए थे। इस दौरान उपनिरीक्षक दयाशंकर मिश्र की ड्यूटी दान पात्र पर लगाई गई थी। वह निर्धारित आदेश के अनुसार गेट बंद कर व्यवस्था का पालन करा रहे थे।
जांच में बताया गया कि पंडा समाज के कुछ सदस्यों द्वारा बार-बार प्रवेश करने का दबाव बनाया गया। उपनिरीक्षक द्वारा आदेश का पालन करते हुए उनकी इच्छानुसार प्रवेश नहीं कराया गया, जिसके बाद इस घटनाक्रम का वीडियो बनाकर प्रसारित किया गया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, पंडा समाज को अनधिकृत रूप से प्रवेश से रोकने के लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।















