सांस्कृतिक आयोजनों में लगातार पहुंच रहीं पूर्व IAS दिव्या मित्तल, रामलीला मंचों पर हो रहा स्वागत

नवरात्र और सांस्कृतिक आयोजनों में लगातार पहुंच रहीं पूर्व IAS दिव्या मित्तल, रामलीला मंचों पर हो रहा स्वागत

मिर्जापुर नगर विधानसभा क्षेत्र में बढ़ी सक्रियता, विभिन्न आयोजनों में सम्मानित कर रहे लोग

मिर्जापुर। पूर्व जिलाधिकारी एवं पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल इन दिनों मिर्जापुर नगर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक, धार्मिक और नवरात्रि कार्यक्रमों में लगातार भाग ले रही हैं। रामलीला मंचों सहित अन्य सार्वजनिक आयोजनों में पहुंचने पर उनका स्वागत और सम्मान किया जा रहा है। उनके प्रति लोगों का उत्साह और आयोजनों में उनकी मौजूदगी स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

शारदीय नवरात्र के दौरान मां विंध्यवासिनी धाम में दर्शन-पूजन के बाद से ही दिव्या मित्तल की मिर्जापुर में सक्रियता बनी हुई है। विभिन्न कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी से लोगों के बीच उनके प्रशासनिक कार्यकाल की भी चर्चा हो रही है। खासकर जिलाधिकारी रहते हुए उनके द्वारा कराए गए कार्यों को लेकर जिले के लोगों में उनकी अलग पहचान रही है।

दिव्या मित्तल वर्ष 2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी रही हैं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से बीटेक और आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए की पढ़ाई की। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले वह लंदन में भी कार्य कर चुकी हैं। अपने प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने मेरठ में उपजिलाधिकारी, गोंडा में मुख्य विकास अधिकारी, यूपी राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण में संयुक्त प्रबंध निदेशक तथा बरेली विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा वह संत कबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी भी रहीं।

मिर्जापुर में जिलाधिकारी के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान हलिया क्षेत्र के दुर्गम लहुरियादह गांव तक पेयजल पहुंचाने की पहल ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई थी। गांव में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या के समाधान के लिए किए गए प्रयासों की चर्चा आज भी होती है।

करीब 13 वर्षों तक प्रशासनिक सेवा में रहने के बाद उन्होंने वर्ष 2026 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में कदम रखने का फैसला किया। 15 अक्टूबर को उन्होंने ‘जननीति भारत’ नाम से अपने राजनीतिक संगठन की घोषणा की और उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का संकेत दिया।

इधर, मिर्जापुर में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी लगातार मौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हैं। हालांकि विभिन्न कार्यक्रमों में उनका स्वागत और सम्मान सामाजिक सहभागिता का हिस्सा है, लेकिन आने वाले समय में उनकी राजनीतिक गतिविधियां किस दिशा में आगे बढ़ेंगी, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है।

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