
डीएम पवन कुमार गंगवार की पहल से 50 साल पुराना राजस्व विवाद सुलझा, डांगरखेड़ी में शुरू हुआ सर्वे कार्य
मिर्जापुर। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की पहल पर तहसील लालगंज के ग्राम डांगरखेड़ी में वर्ष 1979 से लंबित राजस्व अभिलेखों की समस्या का समाधान करते हुए सर्वे कार्य प्रारंभ करा दिया गया है। करीब 50 वर्षों से अभिलेखीय त्रुटियों और खतौनी के अभाव के कारण रुका हुआ यह कार्य महज 50 दिनों के प्रयास में आगे बढ़ सका है।
ग्राम डांगरखेड़ी में बंदोबस्त वर्ष 1375 फसली तथा पुनरीक्षित खतौनी में अभिलेखन संबंधी त्रुटियों के कारण सर्वे टीम के सामने यह चुनौती थी कि सर्वे प्रक्रिया किस आधार पर शुरू की जाए। खतौनी के अभाव में ग्रामीणों को किसान क्रेडिट कार्ड, फार्मर रजिस्ट्री तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
मई 2026 में तत्कालीन सदर एसडीएम गुलाब चन्द्र के विशेष भूमि अर्जन अधिकारी (एसएलएओ) पद पर स्थानांतरण के बाद उन्हें सहायक अभिलेख अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने ग्राम डांगरखेड़ी में वर्षों से लंबित सर्वे कार्य को शुरू कराने की जिम्मेदारी उन्हें दी।
इसके बाद गुलाब चन्द्र के नेतृत्व में गांव में सर्वे जन चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। सर्वे कानूनगो तथा सर्वे लेखपालों की मौजूदगी में पुरानी खतौनियों को पढ़कर सुनाया गया और खातेदारों तथा काश्तकारों से अभिलेखों का सत्यापन कराया गया।
सर्वे नायब तहसीलदार प्रताप नारायण ओझा के मार्गदर्शन में पुराने गाटा नंबरों का नए गाटा नंबरों और क्षेत्रफल से मिलान किया गया। बंदोबस्त अभिलेखों और पुनरीक्षित खतौनी के आधार पर वर्ष 1375 फसली की अनंतिम खतौनी तैयार कर ली गई है, जो आगे की सर्वे प्रक्रिया का आधार बनेगी।
राजस्व परिषद, लखनऊ की ओर से भी सर्वे कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी सर्वे प्रक्रिया को तेजी से पूर्ण करने पर जोर दिया है।
प्रशासन ने ग्राम डांगरखेड़ी को राजस्व परिषद के पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करने के लिए अनुरोध भेज दिया है। पोर्टल पर गांव के ऑनलाइन होने के बाद वर्ष 1979 के बाद हुए बैनामों का नामांतरण और मृतक खातेदारों के उत्तराधिकारियों के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
अधिकारियों के अनुसार, यदि कार्य इसी गति से आगे बढ़ता रहा तो अगले तीन से छह महीनों में सर्वे प्रक्रिया पूरी कर नया बंदोबस्त तैयार किया जा सकता है। संभावना है कि दिसंबर 2026 तक नया बंदोबस्त तहसील लालगंज को सौंप दिया जाएगा।
ग्राम डांगरखेड़ी में सर्वे कार्य शुरू होने से ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है और भविष्य में किसान क्रेडिट कार्ड, फार्मर रजिस्ट्री तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का रास्ता भी साफ होगा।















