
बाढ़ प्रभावित हरसिंघपुर-मल्लेपुर पहुंचे मंडलायुक्त व जिलाधिकारी, दिए सुरक्षा के निर्देश

गंगा का जलस्तर बढ़ने पर पहले से ग्रामीणों को करें अलर्ट, राहत शिविरों में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश
मीरजापुर, 8 अगस्त। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के मद्देनजर मंडलायुक्त विंध्याचल मंडल राजेश प्रकाश एवं जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने शनिवार को कोन विकासखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र हरसिंघपुर और मल्लेपुर गांव का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर जलस्तर, कटान और संभावित खतरे की जानकारी ली तथा अधिकारियों को बाढ़ से बचाव के लिए पहले से ही आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने कहा कि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बाढ़ के खतरे को लेकर पहले से जागरूक और अलर्ट किया जाए। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बाढ़ राहत शिविर पहले से चिन्हित कर लिए जाएं। शिविरों में शौचालय, भोजन, पेयजल, आवश्यक दवाएं और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ पशुओं के लिए चारे तथा ऊंचे स्थानों पर पशु शिविर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में लोगों को घाटों, पुलों और नदी के किनारे जाने से रोका जाए। गोताखोरों और नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी अलर्ट रखा जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
मंडलायुक्त ने राजस्व टीम को सक्रिय करते हुए लेखपाल, ग्राम प्रधान और ग्रामीणों से लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा। उन्होंने जलस्तर, कटान, संभावित खतरे और फसलों को हुए नुकसान की जानकारी भी ली।
निर्माणाधीन छह लेन पुल का भी किया निरीक्षण
इसके बाद मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने गंगा नदी पर निर्माणाधीन छह लेन पुल और उसके अप्रोच रोड के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, लेकिन साथ ही मानव सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की कड़ी हिदायत दी।
मंडलायुक्त ने कहा कि निर्माण स्थल पर मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। रात में काम होने की स्थिति में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और रेडियम पट्टी का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि खोदे गए गड्ढों को किसी भी स्थिति में खुला न छोड़ा जाए और उनके चारों ओर मजबूत बैरिकेडिंग की जाए। यदि खुले गड्ढों या निर्माण स्थल पर सुरक्षा की कमी के कारण कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अशोक कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।















