
किसान दिवस में डीएम ने सुनीं किसानों की समस्याएं, अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश
लालगंज में स्टांप शुल्क, धान क्रय केंद्र, टूटी सड़क-पुलिया, बिजली और सिंचाई से जुड़ी समस्याएं उठीं
मीरजापुर, 21 अक्टूबर 2026। विकास भवन स्थित ऑडिटोरियम में बुधवार को जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें जनपद के विभिन्न विकास खंडों से आए किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
बैठक में कृषि, पशुपालन, उद्यान, सहकारिता, विद्युत, सिंचाई सहित कृषि से जुड़े विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। उप कृषि निदेशक विकेश कुमार ने पिछली किसान दिवस बैठक की कार्यवाही पढ़कर सुनाई तथा पूर्व में उठाई गई समस्याओं के समाधान की जानकारी दी।
लालगंज में स्टांप शुल्क का मुद्दा उठा
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के युवा जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह (मुन्ना) ने लालगंज तहसील के 128 गांवों में कृषि भूमि की खरीद-बिक्री पर आवासीय दर से स्टांप शुल्क और कोर्ट फीस लिए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसानों के लिए दो बीघा कृषि भूमि की खरीद-बिक्री भी महंगी हो रही है। उन्होंने इस व्यवस्था पर पुनर्विचार कर तत्काल राहत दिलाने की मांग की।
उन्होंने लालगंज क्षेत्र के खजुरी स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के धान क्रय केंद्र को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं करने की मांग भी की। उनका कहना था कि केंद्र के खजुरी में ही रहने से क्षेत्रीय किसानों को धान बेचने में सुविधा मिलती है, जबकि दूसरी जगह केंद्र बनाए जाने से बिचौलियों की सक्रियता बढ़ने की आशंका है।
टूटी सड़क और पुलिया के निर्माण की मांग
किसान कमलेश कुमार मिश्र ने ग्राम पथरा दसौंधी, पोस्ट सण्डवा, विकास खंड सिटी में सड़क से शौचालय तक इंटरलॉकिंग कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि खेत में स्थित घर और शिवाकांत स्कूल में बच्चों को सड़क से शौचालय तक आने-जाने में परेशानी होती है।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के तहसील अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह ने लालगंज-हलिया मार्ग से निकलने वाले बरौंधा रोड पर ग्राम कोटा में पुलिया और सड़क क्षतिग्रस्त होने की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि सड़क पर गिट्टी डालकर छोड़ दिए जाने से गिट्टियां छिटकती हैं, जिससे लोग घायल हो रहे हैं। उन्होंने पुलिया और सड़क का निर्माण कराने की मांग की।
किसान संजय कुमार मिश्र ने ग्राम रामपुर 38 में पक्की सड़क से तालाब तक जाने वाली इंटरलॉकिंग सड़क की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि करीब दो वर्ष पहले सड़क की खुदाई कर उसे अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी हो रही है।
एक्सप्रेसवे की लंबाई और कृषि भूमि का मुद्दा
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी ने प्रयागराज से सोनभद्र के बीच प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की लंबाई और उपयोगिता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रयागराज से सोनभद्र की दूरी लगभग 150 किलोमीटर होने के बावजूद प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की लंबाई 330 किलोमीटर बताई जा रही है। उनके अनुसार, क्षेत्र में पहले से राष्ट्रीय राजमार्ग-35 और राज्य राजमार्ग-5ए सहित सड़क संपर्क के अन्य साधन मौजूद हैं। उन्होंने मौजूदा सड़कों के विस्तार और सुधार पर विचार करने की मांग की, ताकि कृषि योग्य भूमि, प्राकृतिक संसाधनों और सरकारी धन की बचत हो सके।
गांवों में विद्युतीकरण और ट्रांसफार्मर बढ़ाने की मांग
भारतीय किसान यूनियन समिति के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार दूबे ने विकास खंड हलिया की ग्राम पंचायत मड़वा धनावल में विद्युतीकरण की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि लगभग सात हजार की आबादी और 15 वार्ड वाले इस गांव में कई वार्डों तक बिजली नहीं पहुंची है। गांव में लगे 63 केवीए के ट्रांसफार्मर की जगह 250 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की गई।
उन्होंने ग्राम पंचायत बबुरा रघुनाथ सिंह और महुगढ़ही में अडानी तथा हिंदुजा कंपनियों की ओर से स्थापित की जा रही विद्युत परियोजनाओं से वन्यजीवों और पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की जांच कराने की मांग भी रखी।
नहर के टेल तक सर्विस रोड बनाने की मांग
अन्नदाता मंच, जमालपुर के चौधरी रमेश सिंह ने चैकिया ब्रांच नहर के टेल पर लगभग एक किलोमीटर लंबे नहर खंड के साथ सर्विस रोड नहीं होने की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि सर्विस रोड के अभाव में किसानों को खेतों तक पहुंचने, सिंचाई करने और खेती से जुड़े अन्य कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने नहर के साथ सर्विस रोड बनवाने की मांग की।
डीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश
किसान दिवस में पहुंचे किसानों ने मुख्य विकास अधिकारी का माल्यार्पण कर, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने किसानों की ओर से उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए धर्मजीत सिंह, जिला कृषि अधिकारी अवधेश यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, एआर कोऑपरेटिव, अग्रणी जिला प्रबंधक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।















