डॉ. सरला सर्राफ पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव ‘अभ्युदय’ में दिखी प्रतिभा, संस्कार और सृजनात्मकता की झलक

# डॉ. सरला सर्राफ पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव ‘अभ्युदय’ में दिखी प्रतिभा, संस्कार और सृजनात्मकता की झलक

### ‘स्वयं से समाज तक’ व्यक्तित्व निर्माण का संदेश लेकर मंच पर उतरे विद्यार्थी, ‘विकसित भारत 2047’ की प्रस्तुति ने बांधा समां

**मीरजापुर।** डॉ. सरला सर्राफ पब्लिक स्कूल मीरजापुर का वार्षिकोत्सव ‘अभ्युदय 2026-27’ रविवार, 1 नवंबर को विद्यालय परिसर में उत्साह, उल्लास और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। ‘व्यक्तित्व निर्माण – स्वयं से समाज तक’ (From Self to Society) थीम पर आधारित इस वार्षिकोत्सव में विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभा, संस्कार, आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक व्यक्तित्व निर्माण का संदेश देना रहा। समारोह का शुभारंभ मां विंध्यवासिनी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं गणेश वंदना की भक्तिमय प्रस्तुति के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यालय की अध्यापिकाओं ने स्कूल एंथम प्रस्तुत किया। वार्षिक रिपोर्ट के माध्यम से विद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सह-शैक्षणिक उपलब्धियों की झलक प्रस्तुत की गई।

### रंगारंग प्रस्तुतियों ने दिया जीवन मूल्यों का संदेश

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों की विषयपरक एवं संदेशप्रधान प्रस्तुतियां रहीं। ‘Dream, Dare, Deliver’ के माध्यम से विद्यार्थियों ने सपने देखने, साहस करने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा दी। ‘Wheels of Life’ ने जीवन के विभिन्न पड़ावों और अनुभवों को दर्शाया, जबकि ‘The Excuse Factory’ के जरिए बहाने बनाने की प्रवृत्ति से बाहर निकलकर जिम्मेदारी स्वीकार करने का संदेश दिया गया।

‘Living the Expectations’ में संस्कारों एवं पारिवारिक आदर्शों के महत्व को रेखांकित किया गया। वहीं ‘Rhythms of India’ और ‘Gatha-e-Vatan’ ने भारतीय संस्कृति, विविधता और राष्ट्रप्रेम की सुंदर झलक प्रस्तुत की। ‘Ramdoot – A Journey of Bhakti’ के माध्यम से भक्ति, समर्पण और जीवन मूल्यों का संदेश दिया गया। ‘The Forgotten Blessings’ ने परिवार और बुजुर्गों के प्रति कृतज्ञता का भाव जागृत किया।

विद्यार्थियों ने ‘Currency Museum’, ‘Nazarband’, ‘Superfood vs. Junk: The Final Verdict’ और ‘The Brain Behind Mobile Addiction’ जैसी प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता और समसामयिक विषयों के प्रति जागरूकता का परिचय दिया। इन प्रस्तुतियों में स्वास्थ्य, मोबाइल की लत और सामाजिक विषयों पर महत्वपूर्ण संदेश दिए गए।

### ‘विकसित भारत 2047’ ने जगाई राष्ट्र निर्माण की भावना

कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति ‘विकसित भारत 2047’ ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों ने सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र के निर्माण में युवा पीढ़ी की भूमिका एवं जिम्मेदारियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

‘अभ्युदय’ की प्रत्येक प्रस्तुति इस विचार को साकार करती नजर आई कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि संवेदनशील, संस्कारवान, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण करना है, जो अपने विकास के साथ समाज और राष्ट्र के उत्थान में भी योगदान दें।

### अतिथियों ने की विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. विनोद बिंद, उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहनलाल श्रीमाली, नगरपालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर केसरी, मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय मीरजापुर के प्राचार्य एवं डीन प्रो. (डॉ.) संजीव कुमार सिंह, जिला सहकारी बैंक लिमिटेड मीरजापुर के अध्यक्ष डॉ. जगदीश प्रसाद सिंह पटेल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मीरजापुर के सचिव जज आनंद कुमार, पूर्व सांसद रामसकल, नगरपालिका परिषद मीरजापुर के पूर्व अध्यक्ष मनोज जायसवाल, राष्ट्रवादी मंच मीरजापुर के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव, केबीपीजी कॉलेज मीरजापुर के प्राचार्य रविन्द्र द्विवेदी एवं स्वामी गोविंदाश्रम मीरजापुर की निदेशक स्नेहलता द्विवेदी सहित अन्य अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की।

विद्यालय के चेयरमैन दिनेश चंद्र, निदेशक आयुष कुमार सर्राफ एवं प्रीती सर्राफ ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और शानदार प्रस्तुतियों के लिए अध्यापिकाओं के प्रयासों की प्रशंसा की।

कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब शिक्षा में ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का समावेश होता है, तभी वास्तविक व्यक्तित्व निर्माण संभव होता है। ‘अभ्युदय’ केवल एक वार्षिकोत्सव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा, संभावनाओं और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का यादगार उत्सव बनकर सामने आया।

इस अवसर पर रामहर्ष गुप्ता, सुरेश त्रिपाठी, कृष्णमूर्ति चौधरी, डॉली अग्रहरि, राजीव अग्रवाल, मनीष सर्राफ सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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