नन्हें कलाकारों की अनूठी प्रस्तुतियों ने बांधा समां, बजाज स्कूल का वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न

नन्हें कलाकारों की अनूठी प्रस्तुतियों ने बांधा समां, बजाज स्कूल का वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न

मीरजापुर। विन्ध्याचल रोड स्थित सेठ द्वारका प्रसाद बजाज एजुकेशन सेंटर के प्रांगण में 3 नवंबर 2026 को सेठ द्वारका प्रसाद बजाज किंडरगार्टन विंग एवं सेठ द्वारका प्रसाद बजाज एकेडमी का वार्षिकोत्सव हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। सांस्कृतिक संध्या में नन्हें-मुन्ने बच्चों ने प्रकृति, खेल, पौराणिक कथाओं, भारतीय संस्कृति और देशभक्ति पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास देखकर अभिभावक एवं अतिथि मंत्रमुग्ध नजर आए।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. शिवानी कौशिक द्वारा विशिष्ट अतिथियों के स्वागत एवं अभिनंदन के साथ हुआ। इसके बाद उन्होंने दोनों विद्यालयों की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए वर्षभर की शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक उपलब्धियों की जानकारी दी। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों और खेल प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया।

‘इंस्पायर इंडिया’ के लिए चयनित कक्षा 9 की शान्वी केशरी एवं कक्षा 11 के शौर्य सिंह को सम्मानित किया गया। वहीं कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में 95.6 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली अंशिका केशरी, 94.8 प्रतिशत अंक पाने वाले यथार्थ तिवारी और 93.4 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली अवनी वर्मा को पुरस्कृत किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले शर्मिन, राम प्रसाद, श्रेया और यश्वी सिंह के साथ उन्हें प्रशिक्षित करने वाले चार खेल प्रशिक्षकों को भी सम्मान प्रदान किया गया।

विद्यालय के डायरेक्टर परितोष बजाज ने अपने संबोधन में अतिथियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए पुरस्कृत विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चा अपने आप में खास है। विद्यालय का प्रयास है कि शिक्षा के साथ बच्चों को अपनी संस्कृति, राष्ट्र गौरव और मानवीय मूल्यों से भी जोड़ा जाए। विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के प्रथम चरण का संचालन सीनियर कोऑर्डिनेटर डॉ. ऋचा प्रवीण श्रीवास्तव ने किया।

इसके बाद भगवान गणेश की वंदना एवं मंगलाचरण के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। ‘सितारे जमीन पर’ प्रस्तुति में नन्हें कलाकारों ने अपनी मासूमियत और मनमोहक अंदाज से दर्शकों का मन मोह लिया। ‘द मैजिकल जंगल-फ्रॉम कैनवास टू लाइफ’ के माध्यम से बच्चों ने जंगल की जीवंत दुनिया को मंच पर उतारा। शेर, चीता, हिरन और बंदर की आकर्षक झांकियों ने प्रकृति के विविध रंगों को प्रदर्शित किया।

‘इंडिया शाइन्स-द एशियन गेम्स’ प्रस्तुति में भारतीय खिलाड़ियों के जुनून और देश के लिए उनकी स्वर्णिम उपलब्धियों को दर्शाया गया। वहीं ‘नेशनल सिंबल्स-भारत की शान, हमारी पहचान’ के जरिए बच्चों ने वीणा, कमल, मोर, बाघ और बरगद जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विरासत और विविधता में एकता का संदेश दिया।

1857 की क्रांति के महानायक मंगल पांडेय को समर्पित प्रस्तुति ‘मंगल पाण्डेय-द फ्लेम ऑफ फ्रीडम’ ने पूरे वातावरण को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। इसके बाद ‘जायंट फ्लावर-द मैजिक एंड मैग्निफिकेंस ऑफ नेचर’ में रंग-बिरंगे फूलों के साथ बच्चों ने मंच को खूबसूरत बगीचे में बदल दिया। ‘नृत्य तरंगिणी’ में दक्षिण भारतीय शास्त्रीय नृत्य की आकर्षक मुद्राओं और लयबद्ध प्रस्तुतियों ने भारतीय परंपराओं की झलक दिखाई।

कार्यक्रम में ‘समुद्र मंथन-एक दिव्य कथा’ के माध्यम से पौराणिक प्रसंगों का मंचन किया गया। इसमें समुद्र मंथन से निकले चौदह रत्नों, विष और अमृत को प्रदर्शित करते हुए जीवन में अच्छे-बुरे के बीच संतुलन का संदेश दिया गया। वहीं ‘धर्मोदय-एंड ऑफ ईगो, बिगिनिंग ऑफ धर्म’ प्रस्तुति में अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया।

‘द स्पिरिट ऑफ पंजाब’ में भांगड़ा और गिद्दा की ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। समारोह का समापन ‘जय हिंद-ए सल्यूट टू आवर सोल्जर्स’ के साथ हुआ। इसमें नन्हें कलाकारों ने सैनिकों की वेशभूषा में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों के त्याग और बलिदान को नमन किया।

कार्यक्रम का संयुक्त संचालन कक्षा 11 के छात्र शौर्य सिंह एवं छात्रा सुहाना ने किया। पूरे आयोजन में बच्चों की प्रतिभा, अनुशासन और शानदार मंच प्रस्तुतियों की सराहना हुई।

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