अष्टभुजा-भैरव कुंड मार्ग पर गंदगी का अंबार, श्रद्धालुओं में रोष

अष्टभुजा से भैरव कुंड मार्ग पर गंदगी का अंबार, श्रद्धालुओं ने जताई नाराजगी

धार्मिक आस्था के केंद्र की बदहाल सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, दुर्गंध से नंगे पांव चलना हुआ मुश्किल

विंध्याचल (मीरजापुर)। विंध्याचल थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध अष्टभुजा माता मंदिर से भैरव कुंड जाने वाले मार्ग पर फैली गंदगी और दुर्गंध को लेकर श्रद्धालुओं ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। दूर-दराज़ से दर्शन के लिए आने वाले भक्तों का कहना है कि धार्मिक आस्था के इस महत्वपूर्ण मार्ग पर जगह-जगह कूड़ा-करकट, सड़ांध और गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे न केवल श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है बल्कि क्षेत्र की छवि भी धूमिल हो रही है।

श्रद्धालुओं ने बताया कि प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त, पर्यटक और सैलानी अष्टभुजा माता के दर्शन के बाद भैरव कुंड की ओर जाते हैं। अधिकांश श्रद्धालु धार्मिक परंपरा के अनुसार नंगे पांव चलते हैं, लेकिन मार्ग पर फैली गंदगी और उठती दुर्गंध के कारण उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई स्थानों पर ऐसा प्रतीत होता है मानो महीनों से सफाई नहीं कराई गई हो।

भक्तों का कहना है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के सामने इस प्रकार की बदहाल व्यवस्था धार्मिक पर्यटन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। उनका मानना है कि स्वच्छता किसी भी धार्मिक स्थल की पहचान होती है, लेकिन यहां की स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है।

स्थानीय लोगों ने भी संबंधित विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा कि श्रावण मास सहित पूरे वर्ष इस मार्ग पर श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी आवाजाही रहती है। इसके बावजूद नियमित सफाई व्यवस्था दिखाई नहीं देती। लोगों ने मांग की है कि पूरे मार्ग की तत्काल विशेष सफाई कराई जाए, कूड़ेदान की पर्याप्त व्यवस्था की जाए तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण मिल सके।

धार्मिक नगरी विंध्याचल की पहचान देशभर में आस्था और आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में है। ऐसे में अष्टभुजा मंदिर से भैरव कुंड तक जाने वाले मार्ग की बदहाल सफाई व्यवस्था कई गंभीर प्रश्न खड़े कर रही है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस समस्या का शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करेगा, जिससे मां अष्टभुजा के दरबार में आने वाले भक्तों को स्वच्छ और सुगम वातावरण उपलब्ध हो सके।

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