
100 किलो से अधिक कचरा पैदा करने वाले संस्थानों को नोटिस, नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना : जिलाधिकारी
मिर्जापुर, 30 जून। जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने नगर पालिका, नगर पंचायतों एवं जिला पंचायत राज विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले मैरिज हॉल, अस्पताल, शिक्षण संस्थान, अपार्टमेंट तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में आते हैं। ऐसे सभी संस्थानों को एक सप्ताह के भीतर नोटिस जारी कर अपने परिसर में ही गीले एवं सूखे कचरे के पृथक निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित नियमों का
पालन न करने वाले संस्थानों पर जुर्माना लगाया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रतिष्ठान को सील करने की कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रभावी कचरा प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता है और बल्क वेस्ट जनरेटरों को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा।
बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निकाय क्षेत्र में रूट चार्ट तैयार कर घर-घर एवं दुकानों से पृथक-पृथक गीला, सूखा, स्वास्थ्य एवं विशेष श्रेणी के अपशिष्ट का संग्रह किया जाए। कूड़ा संग्रहण वाहनों में जीपीएस प्रणाली पूरी तरह संचालित रहे तथा वरिष्ठ अधिकारी नियमित निरीक्षण करें। लोगों को जागरूक करने के लिए भी विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कचरे के निस्तारण के बाद तैयार होने वाली कम्पोस्ट खाद के विपणन की व्यवस्था करने तथा नगर क्षेत्रों से एकत्रित कचरे को गोपालपुर स्थित रीसाइक्लिंग प्लांट तक पहुंचाना सुनिश्चित करने को कहा। अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) विनोद कुमार सिंह ने प्रत्येक कूड़ा वाहन का वार्डवार रूट चार्ट एवं कार्ययोजना तैयार कर उपलब्ध कराने तथा तालाबों में पड़े कचरे का तत्काल निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर पालिका परिषद मीरजापुर के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि नगर के 38 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के लिए 18 वाहन लगाए गए हैं तथा 750 आउटसोर्सिंग, संविदा एवं नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। बैठक में नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी राम उदय यादव सहित नगर निकायों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।













