
विंध्याचल नवरात्र मेला: 10 से 21 अक्टूबर तक मिर्जापुर शहर में भारी वाहनों की नो-एंट्री, पुलिस ने जारी किया डायवर्जन प्लान
श्रद्धालुओं की बसों और चार पहिया वाहनों के लिए निर्धारित होंगी पार्किंग, अमरावती चौराहे पर बनेगा अस्थायी यातायात नियंत्रण कक्ष
मिर्जापुर, 10 अक्टूबर। विंध्याचल धाम में शारदीय नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मिर्जापुर पुलिस ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। 10 अक्टूबर सुबह 6 बजे से 21 अक्टूबर की रात 10 बजे तक शहर में भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है। पुलिस ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से निर्धारित मार्गों का पालन करने तथा वाहनों को तय पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करने की अपील की है।
पुलिस के अनुसार, नवरात्र मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के विंध्याचल पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए यातायात शाखा ने शहर में सुगम आवागमन और सुरक्षा के लिए विस्तृत योजना तैयार की है।
इन मार्गों से होगा भारी वाहनों का डायवर्जन
– प्रयागराज से मिर्जापुर आने वाले भारी वाहन: गैपुरा चौराहे से विजयपुर होते हुए लालगंज की तरफ डायवर्ट किए जाएंगे।
– नटवा तिराहे से विंध्याचल की ओर: पेट्रोलियम और गैस वाहनों को छोड़कर अन्य भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इन्हें बथुआ तिराहा, लालगंज, विजयपुर और गैपुरा चौराहे के रास्ते प्रयागराज की ओर भेजा जाएगा।
– रामटेक चौराहे से शहर की ओर: केवल व्यापारियों और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक जांच के बाद प्रवेश की अनुमति मिलेगी। अन्य वाहनों को चुनार और लालगंज की तरफ डायवर्ट किया जाएगा।
– वाराणसी से प्रयागराज जाने वाले भारी वाहन: इन्हें औराई तथा रामटेक चौराहे से डायवर्ट किया जाएगा।
– शहर में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति: नो-एंट्री में छूट के दौरान केवल अधिकृत व्यापारिक और आवश्यक सामान वाले वाहनों को प्रवेश मिलेगा। बालू, गिट्टी, मोरंग और लोहा लदे वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की संख्या में अत्यधिक वृद्धि होने पर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को दी गई छूट भी रोकी जा सकती है। इसके लिए 11, 12, 17 और 18 अक्टूबर को विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग
मेले में आने वाले वाहनों को उनके आगमन मार्ग के अनुसार अलग-अलग पार्किंग स्थलों पर खड़ा कराया जाएगा।
– प्रयागराज की ओर से नैनी, मेजा, मांडा और जिगना होते हुए आने वाली बसें: अष्टभुजा बस पार्किंग और काली खोह मेन गेट के पास हाईवे किनारे निर्धारित पार्किंग में खड़ी होंगी।
– सोनभद्र और मध्य प्रदेश की ओर से आने वाली बसें: अमरावती बस पार्किंग तथा घमहापुर स्थित हरिश्चंद्र बस पार्किंग में खड़ी कराई जाएंगी।
– बिहार, वाराणसी, जौनपुर और भदोही की ओर से औराई, गोपीगंज, चील्ह तथा शास्त्री ब्रिज के रास्ते आने वाले वाहन: बसों को वाराणसी-जौनपुर बस स्टैंड पर और हल्के चार पहिया वाहनों को बरतर तिराहे की विभिन्न पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा।
पार्किंग भरने पर बदलेगा वाहनों का मार्ग
पुलिस ने पार्किंग स्थलों के भर जाने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था भी बनाई है। बरतर तिराहे की पार्किंग भरने पर वाहनों को अमरावती चौराहे और पुरानी वीआईपी रोड की पार्किंग की ओर भेजा जाएगा। इन पार्किंग स्थलों के भरने पर बैरियर लगाकर वाहनों को अन्य निर्धारित स्थलों की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
सभी निर्धारित पार्किंग भरने की स्थिति में दूधनाथ तिराहा पुलिस बूथ, ओझला पुल के पास हाईवे, काली खोह के बगल और शिवपुर रेलवे ओवरब्रिज के पास कंटीजेंसी पार्किंग का इस्तेमाल किया जाएगा।
सड़क पर वाहन खड़ा करने पर होगी कार्रवाई
यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए अमरावती चौराहे पर अस्थायी यातायात नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। पुलिस मोबाइल पार्टियों और क्रेन की मदद से सड़कों पर खड़े वाहनों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करेगी। आपात स्थिति में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अष्टभुजा, घमहापुर, नटवा, जान्हवी और दूधनाथ तिराहा सहित निर्धारित स्थानों पर बैरियर लगाकर मेले की ओर आने वाले वाहनों को रोका या डायवर्ट किया जा सकेगा।
पुलिस के अनुसार, आपातकालीन वाहन, यात्री बसें, स्कूल बसें, पेट्रोलियम वाहन और एंबुलेंस इस डायवर्जन व्यवस्था से मुक्त रहेंगे। अन्य भारी वाहनों को विशेष परिस्थिति में उच्चाधिकारियों की अनुमति के बाद ही मेला क्षेत्र में प्रवेश दिया जाएगा।
मिर्जापुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि निर्धारित अवधि में अनावश्यक आवागमन से बचें, डायवर्जन प्लान का पालन करें और अपने वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें, ताकि विंध्याचल नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं का आवागमन सुरक्षित और सुगम बना रहे।















