
फर्जी दस्तावेज के सहारे रह रहे 4 बांग्लादेशी मीरजापुर में गिरफ्तार, मोबाइल व अहम कागजात बरामद
रेलवे स्टेशन से शुरू हुई जांच, क्रेशर प्लांट तक पहुंची पुलिस
दलाल के जरिए सीमा पार कर भारत पहुंचे, फर्जी आधार-पैन बनवाकर कर रहे थे काम
मीरजापुर। थाना कोतवाली कटरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कूटरचित/फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में अवैध रूप से निवास कर रहे 4 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 4 मोबाइल फोन के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, बांग्लादेशी वोटर आईडी और पासपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर जनपद में अपराधियों की धरपकड़ और संदिग्ध व्यक्तियों की सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में कोतवाली कटरा पुलिस टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी।
चेकिंग के दौरान रेलवे स्टेशन मीरजापुर के पास एक संदिग्ध युवक को रोककर पूछताछ की गई। उसने अपना नाम मो. सबूज हुसैन निवासी बांग्लादेश बताया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह अपने भाई सब्बीर हुसैन व अन्य साथियों के साथ बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत आया है और डगमगपुर पड़री स्थित पीके क्रेशर प्लांट पर काम कर रहा है।
उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम ने क्रेशर प्लांट पर छापा मारकर तीन अन्य साथियों—सब्बीर हुसैन, नरेशदास और जयदास—को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से 4 मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें फर्जी आधार और पैन कार्ड के साथ बांग्लादेशी पहचान से जुड़े दस्तावेज भी मिले।
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे दलाल को पैसे देकर नदी के रास्ते सीमा पार कर पश्चिम बंगाल के रायगंज पहुंचे। वहां से ट्रेन के जरिए आगरा और फिर मीरजापुर आए। यहां उन्होंने अपनी असली पहचान छुपाकर क्रेशर प्लांट पर काम शुरू कर दिया। साथ ही बिहार के पते पर फर्जी आधार और पैन कार्ड बनवा लिए।
पुलिस ने इस मामले में थाना कोतवाली कटरा में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय भेज दिया है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष वैद्यनाथ सिंह, उपनिरीक्षक नन्हक सिंह, कृष्णकांत त्रिपाठी, मुख्य आरक्षी अरुण कुमार व परवेज अंसारी शामिल रहे।















