चुनाव हो या बीएलओ ड्यूटी, आखिर हर बार कैसे बच जाते हैं ‘विशेष कर्मचारी’?

चुनाव हो या बीएलओ ड्यूटी, आखिर हर बार कैसे बच जाते हैं ‘विशेष कर्मचारी’?

शिक्षा विभाग में ड्यूटी वितरण को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी, पारदर्शिता की उठी मांग

मिर्जापुर। शिक्षा विभाग में चुनाव, बीएलओ, जनगणना और बोर्ड परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण ड्यूटियों के वितरण को लेकर कर्मचारियों के बीच असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है। विभागीय कर्मचारियों के एक वर्ग ने आरोप लगाया है कि कुछ चुनिंदा कर्मचारियों को वर्षों से विभिन्न ड्यूटियों से लगातार राहत मिलती रही है, जबकि अधिकांश शिक्षक और कर्मचारी हर परिस्थिति में जिम्मेदारियां निभाने को मजबूर होते हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि ड्यूटी निर्धारण प्रक्रिया में बार-बार सूची संशोधन किए जाते हैं और अंतिम सूची में कई नाम ऐसे होते हैं जो हर बार किसी न किसी कारण से बाहर हो जाते हैं। इससे विभागीय व्यवस्था की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।

कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विभाग में प्रभावशाली और चापलूसी करने वाले लोगों को विशेष लाभ मिलता है, जबकि दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले शिक्षक, महिला कर्मचारी और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे कर्मचारी भी नियमित रूप से ड्यूटी करते रहते हैं।

विभागीय कर्मचारियों ने मांग की है कि पिछले कई वर्षों की ड्यूटी सूचियों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन आधारों पर कुछ लोगों को लगातार ड्यूटी से छूट दी जाती रही है। उनका कहना है कि यदि कोई विशेष नियम या छूट व्यवस्था लागू है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि सभी कर्मचारियों को समान अवसर मिल सके।

कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी सेवा में नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए। ड्यूटी वितरण प्रक्रिया पारदर्शी होने से कर्मचारियों में असंतोष कम होगा और व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ेगा। वहीं विभागीय स्तर पर इस पूरे मामले को लेकर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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