
डीएम पवन गंगवार की आत्मीयता ने जीता दिल, बकरीद पर दिखी इंसानियत की मिसाल।
बकरीद पर दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार का अपनापन बना चर्चा का विषय
मिर्जापुर। ईद-उल-जूहा (बकरीद) के मौके पर मिर्जापुर में प्रशासनिक संवेदनशीलता, सामाजिक सौहार्द और मानवीय रिश्तों की एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की एक तस्वीर सोशल मीडिया से लेकर आम जनमानस के बीच तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसमें वह मुस्लिम समुदाय के बीच पहुंचकर एक मासूम बच्चे को गोद में लिए आत्मीयता से संवाद करते नजर आ रहे हैं। इस एक तस्वीर ने प्रशासन और जनता के रिश्ते को नई ऊंचाई देने का काम किया है।
बकरीद के अवसर पर जिले में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने निकले जिलाधिकारी ने केवल औपचारिक निरीक्षण तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि लोगों के बीच जाकर त्योहार की खुशियों में सहभागी बने। तस्वीर में दिखाई दे रहा सहज व्यवहार और अपनापन लोगों के बीच भाईचारे, विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूत तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है। आम लोगों का कहना है कि प्रशासन का ऐसा मानवीय चेहरा समाज में भरोसा पैदा करता है और यह संदेश देता है कि शासन केवल व्यवस्था चलाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली शक्ति भी है।
मिर्जापुर की इस तस्वीर ने एक बार फिर यह साबित किया कि हिंदुस्तान की असली खूबसूरती उसकी साझा संस्कृति और एक-दूसरे के त्योहारों में बढ़-चढ़कर शामिल होने की परंपरा में बसती है। बकरीद जैसे पर्व पर जिलाधिकारी का इस तरह लोगों के बीच पहुंचना सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द का सकारात्मक संदेश माना जा रहा है। कई लोगों ने इसे “प्रशासन और जनता के बीच भरोसे की तस्वीर” बताया।
जनपद के विभिन्न इलाकों में जब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क था, उसी दौरान सामने आई यह तस्वीर केवल एक प्रशासनिक दौरे की नहीं, बल्कि संवेदनशील नेतृत्व की पहचान बन गई। लोगों का मानना है कि ऐसे दृश्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा भरते हैं और यह अहसास कराते हैं कि भाईचारे से बढ़कर कोई ताकत नहीं।
बकरीद के अवसर पर जिले में शांति, सौहार्द और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा। वहीं जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की यह आत्मीय तस्वीर अब मिर्जापुर में चर्चा का केंद्र बनी हुई है, जिसे लोग गंगा-जमुनी तहजीब और भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरत मिसाल के रूप में देख रहे हैं।















