मिर्जापुर में दो मासूमों की मौत, मुकदमा दर्ज; अब प्रोजेक्ट अधिकारियों की जिम्मेदारी पर उठ रहे सवाल

मिर्जापुर: थाना चिल्ह क्षेत्र में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो मासूमों की मौत, मुकदमा दर्ज; अब प्रोजेक्ट अधिकारियों की जिम्मेदारी पर उठ रहे सवाल

मिर्जापुर के थाना चिल्ह क्षेत्र के हरसिंहपुर गांव में मंगलवार (4 अगस्त) को पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृत बच्चों की पहचान सत्यम यादव (उम्र लगभग 6 वर्ष) पुत्र कड़े दिन यादव तथा किशन यादव (उम्र लगभग 7 वर्ष) पुत्र कालिया यादव के रूप में हुई है। सत्यम अपने पिता के दो पुत्रों में बड़ा था, जबकि किशन अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्षेत्र में हरसिंहपुर से विंध्याचल की शिवपुरी तक गंगा नदी पर पुल तथा आगे लालगंज-लहंगूपुर मार्ग के निर्माण का कार्य चल रहा है। निर्माण के दौरान जेसीबी मशीन से बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए थे। लगातार बारिश के कारण ये गड्ढे पानी से भर गए और ग्रामीणों का कहना है कि इन्हीं गड्ढों में डूबने से दोनों मासूमों की जान चली गई।

घटना के संबंध में थाना चिल्ह पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। हालांकि, गांव के लोगों का कहना है कि केवल मुकदमा दर्ज कर लेना पर्याप्त नहीं है। उनका सवाल है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान खोदे गए गड्ढों को सुरक्षित नहीं किया गया, चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई और इसी लापरवाही के कारण दो बच्चों की मौत हुई, तो संबंधित प्रोजेक्ट के अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदारों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत वाली इस परियोजना में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते पानी से भरे गड्ढों का सीमांकन, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा व्यवस्था की गई होती, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण क्षेत्र का तत्काल सर्वे कराया जाए और जहां-जहां इस प्रकार के खुले एवं पानी से भरे गड्ढे मौजूद हैं, उन्हें तत्काल सुरक्षित कराया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा हो सकते हैं और निर्दोष लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है।

फिलहाल थाना चिल्ह पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, पूरे क्षेत्र में एक ही सवाल गूंज रहा है कि यदि निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही से दो मासूमों की जान गई है, तो क्या केवल मुकदमा दर्ज कर देना पर्याप्त है या फिर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
वही परिजनों को अभी भी आशंका है कि दोनों मासूमों को षड्यंत्र के तहत उनकी हत्या की गई होगी क्योंकि गड्ढे से निकालते वक्त साथ में बोरी की बरामदगी कई सवालों को खड़ा कर रही है।

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