
रेलवे ट्रैक पार कर स्कूल जाने को मजबूर बेटियां, कब तक जोखिम में रहेगी जिंदगी?
शिवपुर रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से छात्राओं की बढ़ी मुश्किलें, फुट ओवरब्रिज निर्माण की मांग
मीरजापुर। शिक्षा के लिए स्कूल जाना हर बच्चे का अधिकार है, लेकिन शिवपुर क्षेत्र की बेटियां आज भी स्कूल पहुंचने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। तस्वीर खुद इस गंभीर समस्या की गवाही दे रही है। रेलवे लाइन पार कर स्कूल जाने वाली इन बच्चियों को देखकर सवाल उठता है कि आखिर कब तक ये अपनी जिंदगी को जोखिम में डालकर पढ़ाई करती रहेंगी? कहीं ऐसा न हो कि पढ़ाई पूरी करने से पहले ही किसी हादसे में उनकी जीवनलीला समाप्त हो जाए।
विंध्याचल और विरोही रेलवे स्टेशन के बीच स्थित शिवपुर रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के कारण मड़गुड़ा, गोपालपुर, अष्टभुजा सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक चिंता 7 से 18 वर्ष की छात्राओं की सुरक्षा को लेकर है। राजकीय कन्या इंटरमीडिएट कॉलेज शिवपुर में पढ़ने वाली छात्राओं को स्कूल आने-जाने के दौरान रेलवे लाइन पार करनी पड़ती है।
रेलवे ट्रैक पर लगातार ट्रेनों का आवागमन होता है। ऐसे में छोटी उम्र की बच्चियों का रेलवे लाइन पार करना किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। एक छोटी सी चूक या ट्रेन के अचानक आ जाने से बड़ा हादसा हो सकता है। तस्वीर में रेलवे लाइन पार करती बच्चियों को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी पढ़ाई और सुरक्षा के बीच किस तरह का जोखिम खड़ा है।
स्थानीय लोगों ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी से शिवपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास रेलवे लाइन के ऊपर उपरिगामी पैदल पुल (फुट ओवरब्रिज) बनवाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे छात्राओं के साथ ही ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को भी सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
शिवपुर मार्ग का उपयोग विंध्याचल और अष्टभुजा मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही रामेश्वर महादेव मंदिर, तारा पीठ और रामगया घाट जाने वाले लोगों द्वारा भी किया जाता है। नवरात्रि मेले और पितृपक्ष के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ जाती है, जिससे रेलवे लाइन पार करने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
ऐसे में सवाल सिर्फ एक फुट ओवरब्रिज का नहीं, बल्कि बच्चियों की सुरक्षा और उनके भविष्य का है। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए संबंधित रेलवे अधिकारियों को फुट ओवरब्रिज निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं, ताकि बेटियां पढ़ने के लिए स्कूल जाएं तो उन्हें अपनी जिंदगी दांव पर न लगानी पड़े।













