पूर्व IAS दिव्या मित्तल का लक्ष्य, यूपी की 403 सीटों पर उतारेंगी प्रत्याशी

यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने का लक्ष्य, मजबूत उम्मीदवारों को प्राथमिकता देगी जन नीति भारत: दिव्या मित्तल

पत्रकार वीरेंद्र गुप्ता से संवाद में पूर्व आईएएस ने कहा—जनता की वजह से राजनीति में आई हूं, पार्टी गठन के बाद से मिर्जापुर में कर रहीं जनसंवाद

मिर्जापुर। पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने कहा है कि जन नीति भारत का लक्ष्य उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने का है। हालांकि, पार्टी की ओर से उन विधानसभा क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां मजबूत उम्मीदवार उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि जनता की वजह से उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया है और उनका प्रयास जनता से संवाद स्थापित कर उनकी अपेक्षाओं को समझना है।

पत्रकार वीरेंद्र गुप्ता से एक संवाद के दौरान दिव्या मित्तल ने पार्टी की चुनावी रणनीति और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन प्रत्याशियों के चयन में उम्मीदवारों की मजबूती को प्राथमिकता दी जाएगी।

आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से की पढ़ाई

दिव्या मित्तल वर्ष 2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी रही हैं। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली से बीटेक और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), बेंगलुरु से प्रबंधन की पढ़ाई की। भारतीय प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने लंदन में वित्तीय क्षेत्र में काम किया था। इसके बाद उन्होंने देश लौटकर प्रशासनिक सेवा के माध्यम से जनसेवा का रास्ता चुना।

मेरठ से लेकर देवरिया तक संभालीं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

अपने प्रशासनिक करियर में दिव्या मित्तल ने मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट, गोंडा में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), कानपुर नगर में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) की संयुक्त प्रबंध निदेशक तथा बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इसके अलावा वह नीति आयोग में सहायक सचिव भी रहीं।

उन्होंने संत कबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी के पद पर जिम्मेदारी संभाली। बाद में वह उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात रहीं। अगस्त 2026 में उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने की घोषणा की।

मिर्जापुर के लहुरियादह गांव में पेयजल पहुंचाने से मिली पहचान

मिर्जापुर में जिलाधिकारी के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान हलिया क्षेत्र के लहुरियादह गांव में पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल पहुंचाने की पहल विशेष रूप से चर्चा में रही। इस गांव के लोग लंबे समय तक पेयजल के लिए टैंकरों पर निर्भर रहे थे। इस कार्य के बाद दिव्या मित्तल को जिले में व्यापक पहचान मिली।

प्रदेश के विभिन्न जिलों से संपर्क की कोशिश

दिव्या मित्तल के अनुसार, पार्टी से जुड़ने और उसके साथ राजनीतिक रूप से काम करने के इच्छुक लोग प्रदेश के विभिन्न जिलों से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं। इनमें छोटे-बड़े राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी शामिल हैं, जो पार्टी के साथ जुड़ने और आगे की राजनीतिक रणनीति पर बातचीत करने में रुचि दिखा रहे हैं। हालांकि, उनसे सीधे संपर्क स्थापित करने में कई लोगों को सफलता नहीं मिल पा रही है।

गौरतलब है कि जन नीति भारत की राजनीतिक घोषणा के बाद से दिव्या मित्तल मिर्जापुर में रहकर जनसंवाद कर रही हैं। उनका कहना है कि जनता की वजह से उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया है। अब देखना होगा कि पार्टी प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने के अपने लक्ष्य को किस तरह आगे बढ़ाती है और उम्मीदवारों के चयन के लिए क्या रणनीति अपनाती है।

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