
योगी आदित्यनाथ और दिव्या मित्तल की पुरानी तस्वीर चर्चा में, एक जैसे रंग के वस्त्र बने आकर्षण का केंद्र
मीरजापुर। सोशल मीडिया पर इन दिनों पूर्व आईएएस अधिकारी एवं जननीति भारत पार्टी की प्रमुख दिव्या मित्तल की एक पुरानी तस्वीर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। इस तस्वीर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तत्कालीन जिलाधिकारी दिव्या मित्तल एक साथ नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह तस्वीर विंध्याचल में विंध्य कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा के दौरान की है।
तस्वीर की सबसे खास बात दोनों व्यक्तित्वों के वस्त्रों का रंग है। तस्वीर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तत्कालीन जिलाधिकारी दिव्या मित्तल लगभग एक ही रंग के परिधान में दिखाई दे रहे हैं। इस रंग की समानता को लेकर लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि तस्वीर में यह संयोग काफी आकर्षक है और इसी वजह से यह तस्वीर एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
गौरतलब है कि दिव्या मित्तल जब मीरजापुर की जिलाधिकारी थीं, उस दौरान उन्होंने जिले में कई विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया था। विंध्य कॉरिडोर जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की प्रगति भी उस समय जिले के प्रमुख विकास कार्यों में शामिल थी। आज जब दिव्या मित्तल प्रशासनिक सेवा छोड़कर राजनीति में नई पारी शुरू कर चुकी हैं, तब उनकी पुरानी तस्वीरों को लेकर लोगों की दिलचस्पी फिर बढ़ती दिखाई दे रही है।
प्रशासनिक कार्यशैली से बनाई पहचान, अब जननीति भारत पार्टी के जरिए राजनीति में नई पहल कर रहीं दिव्या मित्तल
मीरजापुर। पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का नाम मीरजापुर के लोगों के बीच आज भी उनकी प्रशासनिक कार्यशैली और विकास से जुड़े प्रयासों के लिए चर्चा में रहता है। जिलाधिकारी के रूप में जिले में कार्य करने के दौरान उन्होंने कई ऐसे कार्य किए, जिनकी वजह से उन्हें आम लोगों के बीच एक अलग पहचान मिली। अब प्रशासनिक सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर उन्होंने राजनीति में नई पारी की शुरुआत की है।
दिव्या मित्तल की मीरजापुर में तैनाती के दौरान सबसे चर्चित कार्यों में पहाड़ी क्षेत्र के लहुरियादह गांव में पेयजल संकट का समाधान शामिल रहा। वर्षों से पानी की समस्या से जूझ रहे गांव में पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक पानी पहुंचाने की पहल ने उन्हें प्रदेश स्तर पर भी पहचान दिलाई। इसके अलावा आम लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए सक्रिय रहने की उनकी कार्यशैली की भी चर्चा होती रही है।
आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग और आईआईएम बेंगलुरु से प्रबंधन की पढ़ाई करने वाली दिव्या मित्तल वर्ष 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रही हैं। उन्होंने लगभग 13 वर्षों तक प्रशासनिक सेवा में कार्य किया। मीरजापुर के अलावा देवरिया सहित कई जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
अब उन्होंने ‘जननीति भारत पार्टी’ के गठन के साथ राजनीतिक क्षेत्र में कदम रखा है। उनकी पार्टी का मुख्य विचार आम जनता को नीति निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ना, जरूरत के आधार पर विकास कार्यों को प्राथमिकता देना और सरकार को पूरे पांच साल जनता के प्रति जवाबदेह बनाना है।
दिव्या मित्तल जाति और धर्म से ऊपर उठकर समान अवसर, न्याय और जनभागीदारी की राजनीति की बात कर रही हैं। उनका मानना है कि किसानों, छोटे व्यापारियों, महिलाओं और युवाओं की वास्तविक समस्याओं को समझकर नीतियां बनाई जानी चाहिए। उनकी पार्टी ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा भी की है।
मीरजापुर से उनका पुराना प्रशासनिक जुड़ाव और यहां के लोगों से मिले समर्थन को उनकी राजनीतिक यात्रा का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासनिक अनुभव और जनता के बीच बनाई गई पहचान को वह राजनीतिक क्षेत्र में किस तरह आगे बढ़ाती हैं।















