
तीन जिलों में रही डीएम, अब तीनों जगह से उठ रही चुनाव लड़ने की मांग
मीरजापुर, संतकबीरनगर और देवरिया से जुड़ी रहीं दिव्या मित्तल, सियासत में कदम रखते ही समर्थकों की नजरें पुराने कार्यक्षेत्रों पर
मीरजापुर। पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के ऐलान के बाद उनकी अगली राजनीतिक पारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खास बात यह है कि जिन तीन जिलों में उन्होंने जिलाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाली, वहां से उनके समर्थकों और उनसे जुड़े लोगों की ओर से उन्हें चुनाव लड़ने की इच्छा जताए जाने की चर्चाएं सामने आ रही हैं। मीरजापुर के लोग उन्हें यहां से चुनाव लड़ते देखना चाहते हैं तो संतकबीरनगर और देवरिया में भी उनके पुराने कार्यकाल को याद करते हुए स्थानीय स्तर पर ऐसी मांग की चर्चा है।
मीरजापुर से विशेष जुड़ाव की चर्चा
मीरजापुर में जिलाधिकारी के रूप में दिव्या मित्तल का कार्यकाल लोगों के बीच खास तौर पर चर्चा में रहा। पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में पेयजल जैसी समस्याओं को लेकर किए गए कार्यों के कारण उनकी अलग पहचान बनी। राजनीति में आने की घोषणा के बाद मीरजापुर से जुड़े लोगों का एक वर्ग चाहता है कि वह अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत इसी जिले से करें। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भी इस तरह की चर्चाएं देखने को मिल रही हैं।
संतकबीरनगर और देवरिया में भी पुरानी पहचान
दिव्या मित्तल संतकबीरनगर और देवरिया की जिलाधिकारी भी रह चुकी हैं। दोनों जिलों में उनके प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान लोगों से उनका सीधा संपर्क रहा। अब राजनीति में आने के बाद वहां से जुड़े लोग भी चाहते हैं कि वह अपने पुराने कार्यक्षेत्र को राजनीतिक कर्मभूमि बनाएं।
यही वजह है कि दिव्या मित्तल के सामने एक दिलचस्प स्थिति बनती दिखाई दे रही है। एक ओर मीरजापुर के लोग उन्हें यहां से चुनाव लड़ने की इच्छा जता रहे हैं, वहीं संतकबीरनगर और देवरिया से जुड़े लोग भी अपने जिले से उन्हें चुनाव मैदान में देखने की बात कर रहे हैं।
तीनों जिलों का दावा, फैसला दिव्या मित्तल को करना है
हालांकि इन चर्चाओं को अभी किसी औपचारिक जनमत या सर्वे का परिणाम नहीं माना जा सकता। चुनाव में उतरने के लिए किसी क्षेत्र का चयन कई राजनीतिक और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है। दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने की घोषणा तो कर दी है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह किस विधानसभा या लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगी।
ऐसे में आने वाले समय में सबसे दिलचस्प सवाल यही रहेगा कि मीरजापुर, संतकबीरनगर और देवरिया—तीनों पुराने कार्यक्षेत्रों से सामने आ रही चुनाव लड़ने की इच्छा के बीच दिव्या मित्तल अपनी राजनीतिक कर्मभूमि के रूप में किस क्षेत्र को चुनती हैं। तीनों जिलों से उनका प्रशासनिक जुड़ाव रहा है और अब उनकी राजनीतिक यात्रा किस जिले से शुरू होती है, इस पर समर्थकों की निगाहें टिकी हैं।














