
ध्रुपद गायन की मनमोहक प्रस्तुति से गूंजा बजाज एजुकेशन सेंटर
मिर्जापुर। विंध्याचल रोड स्थित सेठ द्वारका प्रसाद बजाज एजुकेशन सेंटर में स्पिक मैके के तत्वावधान में आयोजित भव्य शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम में ध्रुपद गायन की अनूठी छटा देखने को मिली। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ध्रुपद गायक ‘मलिक ब्रदर्स’ ने अपनी गंभीर, शुद्ध एवं आध्यात्मिक प्रस्तुति से उपस्थित विद्यार्थियों व श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्राचीन परंपरा से जोड़ना था। ध्रुपद, जो हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की सबसे पुरानी और गंभीर विधाओं में गिनी जाती है, उसकी गहराई और विशिष्टता को मलिक ब्रदर्स ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रस्तुति की शुरुआत शांत और गूढ़ आलाप से हुई, जिसमें राग की स्वर संरचना को विस्तारपूर्वक उकेरा गया। इसके बाद पारंपरिक ध्रुपद बंदिश प्रस्तुत की गई, जिसमें पखावज पर पं. राजकुमार झा की संगत ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। स्वर और लय के अद्भुत संतुलन तथा गूंजती हुई आवाज ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि कलाकारों ने प्रस्तुति के दौरान विद्यार्थियों को ध्रुपद गायन की विशेषताओं, उसके इतिहास तथा राग-ताल की बारीकियों के बारे में सरल भाषा में जानकारी भी दी। इससे कार्यक्रम न केवल मनोरंजक बल्कि ज्ञानवर्धक भी बन गया। अंत में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
संस्थान के डायरेक्टर परितोष बजाज ने स्पिक मैके का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आयोजन ने विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा से परिचित कराने का एक सुनहरा अवसर प्रदान किया है।
प्रधानाचार्या डॉ. शिवानी कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और संगीत की जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने मलिक ब्रदर्स की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रस्तुति ने विद्यार्थियों में शास्त्रीय संगीत के प्रति नई रुचि जाग्रत की है।
कार्यक्रम के अंत में कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।













