
खोदी गई सड़क बनी मुसीबत, त्योहार के बाजार में दुकानदारों की बढ़ी चिंता
मिर्जापुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के पुरानी बजाज जी पक्का घाट रोड पर सड़क को खोदकर छोड़ दिए जाने से स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है। मुख्य बाजार होने के कारण दिनभर यहां लोगों की आवाजाही रहती है। सड़क की पहले से खराब स्थिति के बीच जगह-जगह खुदाई और गिट्टी-पत्थर पड़े होने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। बारिश के कारण स्थिति और विकट हो गई है तथा सड़क पर कीचड़ जमा होने से आवागमन मुश्किल हो गया है।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि त्योहारों का बाजार शुरू होने वाला है। ऐसे में यदि सड़क इसी तरह बदहाल रही तो लोग बाजार में आने से बचेंगे, जिसका सीधा असर उनकी दुकानदारी पर पड़ेगा। दुकानदारों ने संबंधित विभाग और नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि खोदी गई सड़क की तत्काल मरम्मत कराकर आवागमन सुचारु कराया जाए।
कांवड़ियों के लिए भी बनी परेशानी
यह मार्ग कांवड़ियों के आवागमन का भी प्रमुख रास्ता है। सावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु नंगे पैर इस मार्ग से गुजरते हैं। सड़क पर गड्ढे, गिट्टी और पत्थर पड़े होने के कारण नंगे पैर चलने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्थिति बेहद कष्टकारी हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस समय सड़कों को दुरुस्त और सुरक्षित किया जाना चाहिए, उसी समय सड़क खोदकर छोड़ देना व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
अमृत जल योजना की खुदाई से कई सड़कें बदहाल
बताया जाता है कि अमृत जल योजना के तहत नगर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर सड़कों की खुदाई की गई है। कई स्थानों पर काम पूरा होने के बावजूद सड़कें पूर्व स्थिति में नहीं लौट सकी हैं। पिछले दो महीने से अधिक समय से लोग खराब सड़कों और आवागमन की परेशानी झेल रहे हैं। बारिश के कारण खुदी हुई सड़कों पर मिट्टी और कीचड़ फैलने से समस्या और गंभीर हो गई है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि क्या सड़कों की खुदाई के लिए यही समय चुना जाना जरूरी था? जब त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं और आम लोगों की आवाजाही बढ़ती है, उस समय सड़क को खोदकर गड्ढे, गिट्टी और पत्थर छोड़ देना आखिर किस प्रकार की कार्ययोजना है। लोगों ने मांग की है कि योजना के तहत सड़क खोदने के बाद उसे तत्काल समतल और सुरक्षित किया जाए, ताकि आम जनता, दुकानदारों और कांवड़ियों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।














