
भदोही में 50वां गोल्डन जुबली इंडिया कार्पेट एक्सपो कल से
65 देशों के 430 विदेशी खरीदार होंगे शामिल, 223 से अधिक प्रदर्शक लगाएंगे स्टॉल
भदोही। कालीन नगरी भदोही एक बार फिर दुनिया के सामने भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों की समृद्ध विरासत और आधुनिक शिल्पकला का प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। कारपेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (CEPC) की ओर से 50वां गोल्डन जुबली इंडिया कार्पेट एक्सपो 4 से 7 अक्टूबर तक कार्पेट एक्सपो मार्ट, भदोही में आयोजित किया जाएगा। भदोही में यह प्रतिष्ठित एक्सपो पांचवीं बार आयोजित हो रहा है।
एशिया की प्रमुख हस्तनिर्मित कालीन, रग्स एवं फ्लोर कवरिंग प्रदर्शनियों में शामिल इंडिया कार्पेट एक्सपो के इस ऐतिहासिक संस्करण में देश की पारंपरिक बुनाई, उत्कृष्ट हस्तशिल्प और आधुनिक डिजाइन का संगम देखने को मिलेगा। एक्सपो भारतीय निर्माताओं और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जुड़ने का वैश्विक मंच भी उपलब्ध कराएगा।
65 देशों से 430 विदेशी खरीदार
इस वर्ष एक्सपो में 223 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं, जबकि 65 देशों से 430 विदेशी खरीदारों ने पंजीकरण कराया है। इनमें BRICS देशों के 106 खरीदार शामिल हैं। परिषद की ओर से करीब 196 विदेशी खरीदारों को आतिथ्य पैकेज उपलब्ध कराया गया है। इनमें 168 पूर्ण आतिथ्य पैकेज और 28 केवल होटल पैकेज शामिल हैं।
एक्सपो में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील, भदोही सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद, औराई विधायक दीनानाथ भास्कर, ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी सहित मंडलायुक्त राजेश प्रकाश और जिलाधिकारी शैलेष कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
टैरिफ चुनौतियों के बीच बाजार विस्तार पर जोर
CEPC अध्यक्ष कैप्टन मुकेश कुमार गोम्बर ने कहा कि इंडिया कार्पेट एक्सपो वैश्विक हस्तनिर्मित कालीन बाजार में भारत की स्थिति मजबूत करने का रणनीतिक मंच बन चुका है। प्रमुख आयातक देशों में टैरिफ संबंधी चुनौतियों के बीच परिषद सरकार के साथ लगातार संवाद कर रही है। भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते से जुड़े विषयों पर भी परिषद अपने स्तर से प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से उद्योग को चुनौतियों से निपटने और नए बाजार तलाशने में मदद मिल रही है। एक्सपो केवल व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि देश के कारीगरों, बुनकरों और निर्यातकों की मेहनत तथा वैश्विक आकांक्षाओं का प्रतीक है।
BRICS देशों पर विशेष फोकस
एक्सपो के दौरान BRICS Carpet & Craft Conclave 2026 का भी आयोजन होगा। इसकी थीम “Three Days – Three Themes – One Global Conversation” रखी गई है। इसमें BRICS देशों और वैश्विक कालीन एवं हस्तशिल्प क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के बीच संवाद, ज्ञान-विनिमय और व्यावसायिक सहभागिता पर चर्चा होगी।
वहीं, IICT की ओर से “Navshristi 2026 – A Curated Showcase of the Best Indian Handmade Carpets” का आयोजन 3 से 7 अक्टूबर तक किया जा रहा है। इसमें भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों की उत्कृष्टता, नवाचार, रचनात्मकता और पारंपरिक शिल्पकौशल को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
छह ज्ञान सत्रों में उद्योग के भविष्य पर चर्चा
CEPC उपाध्यक्ष असलम महबूब ने कहा कि गोल्डन जुबली संस्करण परिषद की यात्रा का गौरवपूर्ण पड़ाव है। BRICS देशों से खरीदारों और प्रतिनिधियों की भागीदारी से बाजार विस्तार और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक साझेदारियों के नए अवसर खुलेंगे।
एक्सपो के दौरान छह ज्ञान सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें हस्तनिर्मित कालीन एवं फ्लोर-कवरिंग उद्योग से जुड़े समकालीन विषयों, बाजार की चुनौतियों और महत्वपूर्ण बदलावों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।
CEPC की कार्यकारी निदेशक-सह-सचिव डॉ. स्मिता नागरकोटी ने कहा कि एक्सपो से महत्वपूर्ण व्यावसायिक अवसर पैदा होने, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारत की उपस्थिति मजबूत होने और हस्तनिर्मित कालीन, रग्स एवं फ्लोर कवरिंग्स के अग्रणी उत्पादक एवं निर्यातक के रूप में भारत की पहचान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
परिषद ने भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग को मजबूत करने और उसकी वैश्विक पहचान बढ़ाने के लिए वस्त्र मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।















