मिर्जापुर में ससुर पर बहू की मोटरसाइकिल हड़पने का आरोप

ससुर पर बहू की मोटरसाइकिल हड़पने का आरोप, एआरटीओ ने मांगा जवाब; नामांतरण निरस्त कर वाहन लौटाने की दी चेतावनी

मिर्जापुर। शहर की रहने वाली सावित्री गुप्ता ने अपने ससुर हीरा गुप्ता पर उनकी नाम दर्ज मोटरसाइकिल को कथित रूप से फर्जी तथ्यों के आधार पर अपने नाम स्थानांतरित कराने और बाद में दूसरे व्यक्ति को बेच देने का आरोप लगाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) मिर्जापुर संतोष कुमार सिंह ने हीरा गुप्ता को नोटिस जारी कर निर्धारित तिथि तक अपना पक्ष और साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर वाहन का नामांतरण निरस्त कर उसे पुनः सावित्री गुप्ता के नाम दर्ज किया जाएगा।

एआरटीओ कार्यालय की ओर से 22 अप्रैल 2026 को जारी नोटिस के अनुसार सावित्री गुप्ता ने शिकायत में कहा है कि मोटरसाइकिल संख्या UP63R9643 उनके नाम पंजीकृत थी। उनका आरोप है कि बिना उनकी जानकारी और सहमति के 17 जनवरी 2015 को वाहन का स्वामित्व उनके ससुर हीरा गुप्ता के नाम स्थानांतरित करा लिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया कि बाद में उक्त मोटरसाइकिल को एक अन्य व्यक्ति के नाम बेच दिया गया।

शिकायतकर्ता ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि उनका विवाह 19 नवंबर 2013 को आशीष गुप्ता के साथ हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद से ही उनका ससुराल पक्ष से विवाद चल रहा है और इस संबंध में उन्होंने 7 अप्रैल 2014 को पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर से भी शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी। सावित्री गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक से हीरा गुप्ता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर मोटरसाइकिल वापस दिलाने की भी मांग की है।

एआरटीओ कार्यालय द्वारा उपलब्ध अभिलेखों और शिकायत में लगाए गए आरोपों के परीक्षण के बाद प्रथम दृष्टया यह माना गया कि वाहन मूल रूप से सावित्री गुप्ता के नाम पंजीकृत था तथा पारिवारिक विवाद के दौरान बिना उनकी सहमति के नामांतरण कराए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर हीरा गुप्ता से पूछा गया है कि वाहन के नामांतरण के लिए प्रस्तुत अभिलेख, विक्रेता की सहमति, सेल लेटर तथा केंद्रीय मोटरयान अधिनियम के तहत निर्धारित अन्य औपचारिकताओं का पालन किस प्रकार किया गया था।

नोटिस में निर्देश दिया गया है कि हीरा गुप्ता 30 अप्रैल 2026 अथवा उससे पूर्व किसी कार्यदिवस में स्वयं अथवा अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से कार्यालय में उपस्थित होकर शपथपत्र सहित अपना पक्ष प्रस्तुत करें। अन्यथा शिकायतकर्ता के कथनों को सही मानते हुए वाहन का नामांतरण निरस्त कर मोटरसाइकिल पुनः सावित्री गुप्ता के नाम दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें