
सलखन फॉसिल्स पार्क पहुंचा नीति आयोग-जाइका का प्रतिनिधिमंडल, जाना करोड़ों वर्ष पुराने जीवाश्मों का महत्व
भूवैज्ञानिक विरासत के संरक्षण, पर्यटन विकास और स्थानीय रोजगार पर हुई चर्चा
मिर्जापुर/सोनभद्र। भारत सरकार के नीति आयोग के आकांक्षी जनपद एवं ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत नीति आयोग और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जाइका) के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को विश्व प्रसिद्ध सलखन फॉसिल्स पार्क का भ्रमण किया। प्रतिनिधिमंडल ने करोड़ों वर्ष पुराने जीवाश्मों का अवलोकन कर उनके भूवैज्ञानिक एवं ऐतिहासिक महत्व की जानकारी प्राप्त की।
भ्रमण के दौरान इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी ने पार्क के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 8 अगस्त 2002 को तत्कालीन जिलाधिकारी भगवान शंकर के नेतृत्व में विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के सहयोग से सोनभद्र की भूतात्विक, पुरातात्विक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों पर आधारित पहली चित्र प्रदर्शनी आयोजित की गई थी। इस पहल ने सलखन फॉसिल्स पार्क को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सहायक पर्यटन अधिकारी राजेश भारती ने प्रतिनिधिमंडल को पार्क के विकास की योजनाओं और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन सलखन फॉसिल्स पार्क को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। पर्यटन विकास को स्थानीय रोजगार और ग्रामीण आजीविका से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।
इस अवसर पर जाइका की ओर से युमिको ओनिशी, अयुमी मियागावा, हितोमी हमदा, बिनाय पटनायक और मोहित सूद तथा नीति आयोग की ओर से गौरव कुमार मिश्रा और समाजसेवी भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल के स्वागत के दौरान गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट के संस्थापक रवि प्रकाश ने सोनभद्र के धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की जानकारी वाला विशेष फोल्डर भेंट किया, ताकि जनपद की समृद्ध विरासत का प्रचार-प्रसार वैश्विक स्तर पर हो सके।















