
बथुआ वार्ड स्थित गांधी घाट सहित नगर पालिकाओं के कई पौराणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व के स्थलो का वन्दन योजनान्तर्गत होगा जीर्णोद्धार, शासन को भेजा गया प्रस्ताव 
जिलाधिकारी ने नगर पालिकाओं व कार्यदायी विभागो के साथ बैठक कर की समीक्षा

मीरजापुर 11 अगस्त 2025- जपनद के सांस्कृतिक, पौराणिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व के स्थलों पर अवस्थापना तथा अन्य सुविधाओं के विकास हेतु वन्दन योजना से किए जाने वाले कार्यो के सम्बंध में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने नगर पालिका परिषद मीरजापुर, चुनार सहित अन्य नगर पालिकाओं के
अधिकारियों व सम्बन्धित कार्य विभागों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस याजना के अन्तर्गत जनपद के नगरीय क्षेत्रो/नगर पालिका परिषदों/नगर पंचायत में अवस्थित धार्मिक, सांस्कृतिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व के स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं/आगंतुको को मूल भूत अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना मुख्य उद्देश्य हैं। उन्होंने कहा कि इस योजनान्तर्गत अपेक्षाकृत उपेक्षित/अल्पविकसित नगर पालिका परिषदांें/नगर पंचातयों के अवस्थित सांस्कृतिक, धार्मिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व के स्थलों पर अवस्थापना सुविधा तथा अन्य सुविधाओं के विकास से सम्बन्धित परियोजनाओं को सम्मिलित किया जाना है।
बैठक में बताया गया कि वन्दन योजनान्तर्गत जनपद के स्थलों का चयन करते हुए परियोजना के आगणन व स्पष्ट संस्तुति सहित औचित्यपूर्ण प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराया गया है जिसके तहत बथुआ वार्ड स्थित गाधी घाट कार्य के जीर्णोद्धार के लिए 99.64 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया हैं। इसी प्रकार नगर पालिका परिषद मीरजापुर के अन्तर्गत घंटाघर परिसर स्थित श्री घण्टेश्वर महोदव मन्दिर के सुन्दरीकरण कार्य के लिए 174.79 लाख, ओझला पुल का सुन्दरीकरण कार्य के लिए
60.83 लाख, वार्ड तिवारियान में प्राचीन कश्यपकुण्ड के सुन्दरीकरण कार्य हेतु 11.12 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया हैं। इसी प्रकार नगर पालिका चुनार के अन्तर्गत वार्ड-21 टम्मलगंज में प्राचीन शिव मन्दिर का जीर्णोद्धार/सुन्दरीकरण के लिए 156.35 लाख तथा गंगा घाट चुनार स्थित महराज गुहराज निषाद पार्क के पास/नीचे पक्का गंगा घाट निर्माण हेतु 194.68 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि चुनार के इन दोनो प्रस्तावों को शासनादेश के अनुसार शासन से स्वीकृति पश्चात ही कार्य कराएं जाएगें।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी एजेंसियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रस्तावित कार्य उन्हीं निकाय के क्षेत्राधिकार में हो तथा जिन पर किसी प्रकार का विवाद न हो इस आशस का प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत शौचालयांे का निर्माण अनुमन्य नहीं होगा तथा योजनान्तर्गत सम्पर्क मार्ग, विश्रामालय, वाटर किओस्क, छादक, साइनेज एवं प्रकाश, बेच शहदी स्थल/स्मृति पार्क का सुन्दरीकरण/इण्टर लाकिंग, घाटो का सुन्दरीकरण एवं पर्यटक सूचना केन्द्र दिए गए दिशा निर्देश के अनुसार चेकलिस्ट के दृष्टिगत करायें जाएगें। कोई भी कार्य किसी निजी/ट्रस्ट की भूमि पर अवस्थित निजी धार्मिक स्थलों के विकास हेतु कोई प्रस्ताव नहीं किए जाएगें।
उन्होंने कहा कि शासनादेश में उल्लिखित बिन्दुओ अक्षरशः पालन करते हुए प्रस्ताव भेजा जाए तथा भेजे गए स्वीकृत कार्योे का नियमानुसार कराया जाए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 अजय कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी लालगंज संजीव यादव, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका गोवा लाल, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद चुनार, अधिशासी अभियंता आर0ई0डी0 व लोक निर्माण विभाग उपस्थित रहें।















