मीरजापुर बनेगा ऊर्जा उत्पादन का बड़ा केंद्र, 2,799 करोड़ की परियोजना मंजूर

मीरजापुर बनेगा पावर हब, 2,799 करोड़ की परियोजना मंजूर

मीरजापुर विद्युत उत्पादन हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में 2,799.47 करोड़ रुपये की लागत से पुलिंग उपकेंद्र और पारेषण लाइनों के निर्माण को मंजूरी दे दी गई। इससे जिले में प्रस्तावित तापीय एवं पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं से उत्पादित बिजली प्रदेश के अन्य हिस्सों तक सुगमता से पहुंचाई जा सकेगी।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार उपकेंद्रों के निर्माण पर 1,315.91 करोड़ रुपये और पारेषण लाइनों के निर्माण पर 1,483.56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का यह कदम प्रदेश में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जिले के दादरी खुर्द गांव में Adani Group द्वारा 1,600 मेगावाट (2×800 मेगावाट) क्षमता का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। लगभग 18,300 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की पहली यूनिट से सितंबर 2028 तक बिजली उत्पादन शुरू होने की संभावना है। परियोजना से जुड़े डीजीएम सिद्धार्थ विक्रम सिंह के अनुसार पहली यूनिट के छह माह बाद दूसरी यूनिट से भी उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। आधुनिक तकनीक पर आधारित इस परियोजना से स्थानीय लोगों को रोजगार के व्यापक अवसर मिल रहे हैं।

इसके अलावा जिले में चार पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं को भी मंजूरी मिल चुकी है, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 3,480 मेगावाट होगी। कटरा गांव में Avaada Group द्वारा 630 मेगावाट क्षमता का प्लांट स्थापित किया जाएगा। कालू पट्टी में ReNew 600 मेगावाट क्षमता की परियोजना लगाएगी। बबुरा रघुनाथ सिंह गांव में East India Petroleum 850 मेगावाट क्षमता का प्लांट स्थापित करेगी, जबकि बबुरा गांव में ही ReNew द्वारा 800 मेगावाट क्षमता का एक अन्य पम्प्ड स्टोरेज प्लांट लगाया जाएगा।

इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से मीरजापुर न केवल उत्तर प्रदेश के प्रमुख विद्युत उत्पादन केंद्र के रूप में उभरेगा, बल्कि औद्योगिक विकास, निवेश और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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