मिर्जापुर में डीएम ने रविवार शाम तक हर गांव में बिजली बहाल करने का दिया अल्टीमेटम

रविवार शाम तक हर गांव में बिजली बहाल करने का अल्टीमेटम, लापरवाही पर होगी एफआईआर

मीरजापुर, 23 मई 2026। भीषण गर्मी और 13 मई को आई तेज आंधी-पानी के बाद जिले में अब तक पूरी तरह विद्युत और पेयजल आपूर्ति बहाल न होने पर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित आपात बैठक में उन्होंने बिजली और जल निगम अधिकारियों को निर्देश दिया कि रविवार शाम तक हर हाल में जिले के सभी गांवों में शत-प्रतिशत विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके बाद भी शिकायत मिलने पर संबंधित अधिशासी अभियंता और अवर अभियंता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, मझवां विधायक सुचिस्मिता मौर्या और छानबे विधायक रिंकी कोल ने अपने-अपने क्षेत्रों में बिजली और पानी की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने अर्जुनपुर फीडर में लगातार कटौती और विजयपुर, फुकरैती समेत कोन ब्लॉक के कई गांवों में खराब विद्युत व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। उन्होंने धनीपट्टी, यादव बस्ती और परवा में पानी न आने की शिकायत भी अधिकारियों के सामने रखी।

अधिशासी अभियंता विद्युत ने बताया कि विजयपुर फीडर की समस्या दो दिनों में दूर कर दी जाएगी और लो-वोल्टेज की समस्या भी खत्म होगी। मझवां विधायक सुचिस्मिता मौर्या ने पड़री मार्केट, भोजपुर पहाड़ी, रामनगर सिकरी और अनंतराम पट्टी में मरम्मत कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की। अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश क्षेत्रों में शनिवार शाम तक आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी जबकि कुछ स्थानों पर रविवार तक काम पूरा हो जाएगा।

बैठक में जिलाधिकारी ने राजगढ़ और मड़िहान क्षेत्र में दो महीने से लंबित विद्युत खराबियों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को स्वयं निरीक्षण कर दो दिनों के भीतर समस्या दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां लो-वोल्टेज या विद्युत दोष के कारण ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे हैं, वहां जनरेटर चलाकर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। गर्मी में पानी की समस्या किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने जल निगम अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां कहीं पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो या अन्य तकनीकी खराबी हो, उसे तत्काल ठीक कराया जाए। उन्होंने हर घर नल योजना के लंबित कार्यों की सूची भी मांगी और प्रत्येक पंप पर अलग-अलग ऑपरेटर तैनात करने का निर्देश दिया।

अधिशासी अभियंता विद्युत ने बैठक में बताया कि आंधी-पानी के बाद क्षतिग्रस्त हुए 98 प्रतिशत कार्य पूरे कर लिए गए हैं। जिले में 33 केवी और 11 केवी के सभी फीडर चालू हैं। कुल 1587 शिकायतों में से अब केवल 36 शिकायतें लंबित हैं, जिनका निस्तारण जल्द कर दिया जाएगा। अब तक दो हजार से अधिक टूटे बिजली पोल बदले जा चुके हैं।

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