विजयपुर में न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कराने का आरोप

न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कराने का आरोप, पीड़ित ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

मिर्जापुर। सदर तहसील क्षेत्र के विंध्याचल थाना क्षेत्र के विजयपुर निवासी राम नारायण एवं शंकर ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद भूमि पर जबरन निर्माण कार्य कराए जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि वह आराजी संख्या 1939/2 रकबा 0.253 हेक्टेयर भूमि के भूमिधर व कब्जेदार हैं। आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद कुछ लोग जबरन तालाब की खुदाई व निर्माण कार्य करा रहे हैं। पीड़ित के अनुसार सिविल जज (जूनियर डिवीजन) मिर्जापुर द्वारा वर्ष 2018 में पारित अस्थायी निषेधाज्ञा आदेश में भूमि पर किसी प्रकार के हस्तक्षेप पर रोक लगाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद आदेश की अनदेखी की जा रही है।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल व अन्य राजस्व कर्मियों के सहयोग से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। ज्ञापन में उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश का भी उल्लेख करते हुए कहा गया कि राजस्व परिषद के आदेश पर रोक लगाए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं रोकी गई है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य तत्काल रोका जाए।

शंकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी भूमि आराजी संख्या 1939/2 में स्थित है, इसके बावजूद उन्हें तालाब की भूमि में धकेलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि खतौनी में दर्ज आराजी संख्या 1939/2 को सही तरीके से चिन्हित किया जाए और उन्हें तालाब की भूमि में शामिल न किया जाए।

पीड़ित शंकर ने बताया कि नए एसडीएम सदर महेंद्र सिंह से उन्हें काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने एसडीएम सदर से मांग की है कि न्यायालय के आदेशों का अवलोकन करते हुए न्यायसंगत कार्रवाई की जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें