
अष्टभुजा पहाड़ी के प्राचीन वटवृक्ष पर उभरता दिख रहा ‘राम’ नाम, श्रद्धालुओं में कौतूहल और आस्था का संगम
मिर्जापुर। विंध्य पर्वत पर स्थित अष्टभुजा देवी मंदिर के समीप सीता कुंड के पास बने बंगाली माता आश्रम में इन दिनों श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। इसकी वजह एक अत्यंत प्राचीन वटवृक्ष है, जिसकी छाल पर कई श्रद्धालु भगवान ‘राम’ का नाम उभरा हुआ देखने का दावा कर रहे हैं। इस दृश्य को देखने के लिए दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं में उत्सुकता और गहरी आस्था दिखाई दे रही है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि जैसे ही वे वटवृक्ष के तने को ध्यान से देखते हैं, उसकी प्राकृतिक आकृतियों में ‘राम’ शब्द स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। कई श्रद्धालु इसे दिव्य संकेत मानकर वृक्ष की परिक्रमा कर रहे हैं,
पूजा-अर्चना कर रहे हैं तथा अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। आश्रम परिसर में पूरे दिन दर्शनार्थियों का आना-जाना लगा रहता है।
स्थानीय साधु-संतों का कहना है कि यह वटवृक्ष अत्यंत प्राचीन है और वे वर्षों से इसकी छाल पर भगवान राम के नाम जैसी आकृति देखते आ रहे हैं। उनके अनुसार यह स्थान पहले से ही सीता कुंड और अष्टभुजा धाम के कारण धार्मिक महत्व रखता है,
जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और भी प्रगाढ़ हो जाती है। उनका मानना है कि सावन के पावन महीने में यहां भक्तों की संख्या और बढ़ गई है।
हालांकि, वृक्ष पर दिखाई देने वाली आकृतियों के संबंध में कोई आधिकारिक या वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद आस्था से जुड़े श्रद्धालु इसे भगवान श्रीराम की कृपा का प्रतीक मान रहे हैं। सीता कुंड, बंगाली माता आश्रम और यह प्राचीन वटवृक्ष इन दिनों विंध्याचल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
— वीरेंद्र गुप्ता, मिर्जापुर















