मिर्जापुर में बाढ़ से निपटने को राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल

मिर्जापुर में बाढ़ से निपटने को राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल, नाव हादसा व डूबने की घटनाओं पर किया गया अभ्यास

मिर्जापुर। जनपद में संभावित बाढ़ आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को राज्य स्तरीय मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के निर्देशन एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनोद कुमार सिंह के मार्गदर्शन में तहसील सदर और चुनार में बाढ़ प्रबंधन से संबंधित विभिन्न आपात परिस्थितियों का सफल अभ्यास कराया गया।

उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रदेश के बाढ़ प्रभावित 44 जनपदों की 118 तहसीलों में एक साथ आयोजित इस अभ्यास के तहत मिर्जापुर की सदर और चुनार तहसीलों को शामिल किया गया। सदर तहसील में गंगा नदी में नाव पलटने तथा चुनार में डूबने की घटनाओं को आधार बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान सुबह 9 बजे इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) से सूचना प्रसारित की गई कि नार घाट क्षेत्र में नाव पलटने से आठ लोग तथा चुनार में जलस्तर बढ़ने के दौरान स्नान करने गए चार लोग डूब गए हैं। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी सदर महेंद्र सिंह और उपजिलाधिकारी चुनार राजेश कुमार वर्मा ने पुलिस, स्वास्थ्य, पशुपालन एवं अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट करते हुए राहत एवं बचाव अभियान शुरू कराया।

अभ्यास के दौरान कुल छह नावों के माध्यम से बचाव कार्य का प्रदर्शन किया गया। बचाए गए लोगों की मेडिकल टीम द्वारा स्वास्थ्य जांच की गई। एसडीआरएफ की टीम ने सदर क्षेत्र में नाव दुर्घटना से लोगों को बचाने का प्रदर्शन किया, जबकि 36वीं वाहिनी पीएसी ने चुनार में डूबे व्यक्तियों की तलाश और प्राथमिक उपचार संबंधी अभ्यास किया।

मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवा वितरण, कीटनाशक छिड़काव, स्वास्थ्य सेवाएं तथा पशुओं की देखभाल संबंधी व्यवस्थाओं का भी प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही बसंत इंटरमीडिएट कॉलेज में मॉडल बाढ़ राहत शिविर स्थापित कर राहत शिविर संचालन की व्यवस्थाओं का अभ्यास कराया गया।

राहत शिविर में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग आवास व्यवस्था, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती, सामुदायिक रसोई, मोबाइल शौचालय, स्वच्छ पेयजल एवं कूलर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। मॉक अभ्यास में प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ, पीएसी, अग्निशमन विभाग, राजस्व विभाग, आपदा मित्र, एनसीसी कैडेट तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया।

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