
फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे पुलिस भर्ती पाने के आरोप में आठ सिपाहियों पर मुकदमा, मिर्जापुर कनेक्शन से मचा हड़कंप
प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र लगाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सत्यापन के दौरान दस्तावेज संदिग्ध पाए जाने पर प्रतापगढ़ में आठ सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी आरोपी मिर्जापुर जनपद के निवासी बताए जा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 की पुलिस भर्ती प्रक्रिया में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित आरक्षण का लाभ लेकर चयनित हुए अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई थी। जांच में दस्तावेजों में अनियमितता और फर्जीवाड़े के संकेत मिलने पर 19 जून 2026 को संबंधित सिपाहियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। आरोपितों में सात पुरुष और एक महिला सिपाही शामिल हैं, जो प्रशिक्षण पूरा करने के बाद विभिन्न जनपदों में तैनात बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसियों की नजर अब उस नेटवर्क पर भी है, जो कथित रूप से फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र तैयार कराने और उपलब्ध कराने का काम करता था। पूर्व में भदोही में सामने आए एक मामले में मिर्जापुर के निवासी संजय दुबे का नाम ऐसे ही नेटवर्क के कथित संचालक के रूप में सामने आया था। पुलिस ने उस मामले में कार्रवाई भी की थी। हालांकि वर्तमान प्रकरण में जांच जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर फर्जी दस्तावेजों के प्रयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं मिर्जापुर से जुड़े इस प्रकरण ने जनपद में भी व्यापक चर्चा छेड़ दी है।















