
मीरजापुर। पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) विंध्याचल परिक्षेत्र पूनम ने सोमवार को गूगल मीट के माध्यम से परिक्षेत्र के सभी पुलिस अधीक्षकों, अपर पुलिस अधीक्षकों, क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था तथा आगामी कांवड़ यात्रा-2026 की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।
डीआईजी ने कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए रूट डायवर्जन, यातायात प्रबंधन, संवेदनशील स्थलों और गंगा घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तथा अफवाह फैलाने वालों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यात्रा मार्गों का नियमित निरीक्षण किया जाए और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी की जाएं।
बैठक में यक्ष एप के माध्यम से सत्यापन अभियान, हिस्ट्रीशीटरों और सक्रिय अपराधियों की निगरानी, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, बीट पुलिसिंग, लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण, सीसीटीएनएस पोर्टल पर लंबित प्रविष्टियों तथा ई-साक्ष्य और ई-समन प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। तकनीकी साक्ष्यों के अधिकतम उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
इसके अलावा महिला सुरक्षा, मिशन शक्ति अभियान, साइबर अपराधों की रोकथाम, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई, जीरो फेटलिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान, यातायात जाम कम करने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा अवैध शराब, मादक पदार्थों और गौ-तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों की भी समीक्षा की गई।
डीआईजी पूनम ने कहा कि आमजन की शिकायतों का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक फरियादी के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए शिकायतों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाए।










