
डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल में संजीव सान्याल की मौजूदगी में हुई विचार गोष्ठी, भारतीय समुद्री विरासत पर हुई चर्चा
मीरजापुर। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव कुमार सान्याल की गरिमामयी उपस्थिति में मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल में भव्य “विचार गोष्ठी” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय समुद्री इतिहास, प्राचीन नौवहन परंपरा, मीरजापुर की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र निर्माण में इतिहास की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं मां विंध्यवासिनी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि संजीव कुमार सान्याल, नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी, डैफोडिल्स की निदेशिका अपराजिता सिंह एवं डायरेक्टर अमरदीप सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
इसके बाद स्काउट एवं गाइड के छात्र-छात्राओं ने अनुशासित परेड प्रस्तुत की। विद्यालय के विद्यार्थियों ने संस्कृत श्लोक, सामूहिक कजरी गायन और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
‘INSV कौण्डिन्य प्लवते यश’ पर हुआ विमर्श
मुख्य सत्र में “INSV कौण्डिन्य प्लवते यश” विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्य वक्ता संजीव सान्याल ने भारतीय समुद्री इतिहास, प्राचीन नौवहन परंपराओं तथा INSV कौण्डिन्य की ऐतिहासिक यात्रा पर प्रेरणादायी व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि भारत का गौरवशाली इतिहास केवल अतीत की कहानी नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा है।
नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी ने मीरजापुर के इतिहास, नारघाट के व्यापारिक महत्व तथा निषाद समाज की पारंपरिक नाव निर्माण कला पर प्रकाश डाला। उन्होंने मीरजापुर की समृद्ध सांस्कृतिक और व्यापारिक विरासत को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में राम बाली द्वारा निर्मित पारंपरिक नाव का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि इस नाव के निर्माण में किसी भी प्रकार की धातु का प्रयोग नहीं किया गया है। निषाद समाज की प्राचीन नाव निर्माण कला, मल्हार गीत और पाल वाली नाव के प्रदर्शन ने भारतीय संस्कृति एवं लोक विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत की।
प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने मीरजापुर की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित प्रदर्शनी लगाई। बिना धातु के निर्मित पारंपरिक नाव का प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा। विद्यार्थियों ने कजरी गीत प्रस्तुत कर स्थानीय लोक संस्कृति की समृद्ध परंपरा से अतिथियों को परिचित कराया।
इस अवसर पर आचार्य अगस्त द्विवेदी एवं गुरुकुल के बटुकों को भी सम्मानित किया गया। मंच पर नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी, डायरेक्टर अमरदीप सिंह, निदेशिका अपराजिता सिंह, पद्मश्री कजरी गायिका उर्मिला श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में अपराजिता सिंह ने संजीव कुमार सान्याल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मीरजापुर में मुख्य वक्ता के रूप में आना जिले के लिए विशिष्ट अवसर है। इतिहास, सभ्यता और अर्थव्यवस्था को एक समग्र दृष्टि से देखने वाले उनके चिंतन ने राष्ट्र के विकास विमर्श को नई दिशा दी है।
उन्होंने कहा कि कौण्डिन्य ने समुद्र की लहरों पर भारत की यश-पताका को दूर देशों तक पहुंचाया था। आज आवश्यकता है कि हम अपनी प्रतिभा, परंपरा और उद्यमिता की नाव को विकास की नई धाराओं में उतारें। उन्होंने कहा कि यह संवाद मीरजापुर की विकास यात्रा में एक स्मरणीय पड़ाव साबित होगा।
कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों को स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मानित किया गया।















