डॉ. सरला सर्राफ पब्लिक स्कूल में वैदिक परंपरा के साथ मनाया गया गुरु पूर्णिमा महापर्व

*डॉ. सरला सर्राफ पब्लिक स्कूल में श्रद्धा, संस्कार एवं वैदिक परंपरा के साथ मनाया गया गुरु पूर्णिमा महापर्व*

— *पंचकुण्डीय यज्ञ*, एक हजार विद्यार्थियों द्वारा *सूर्य को अर्घ्य* एवं *गुरु चरण वंदन* ने कार्यक्रम को बनाया अविस्मरणीय

मिर्जापुर नगर के भटौली रोड, विजयपुरा स्थित *डॉ. सरला सर्राफ पब्लिक स्कूल* में *गुरु पूर्णिमा* का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक परंपरा के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में पंचकुण्डीय यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने पूर्ण आस्था के साथ सहभागिता की। यज्ञ के माध्यम से राष्ट्र, समाज एवं समस्त मानवता के कल्याण की कामना की गई।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण वह दिव्य क्षण रहा, जब विद्यालय के लगभग एक हजार विद्यार्थियों ने एक साथ जगत को आलोकित करने वाले जगद्गुरु भगवान सूर्य को जल अर्पित कर अर्घ्य दिया। वैदिक मंत्रोच्चार एवं भक्तिमय वातावरण ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

इसके उपरांत विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए पुष्पवर्षा की तथा उनके चरणों का वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरु एवं शिष्य के इस अनुपम मिलन ने भारतीय संस्कृति की गुरु-शिष्य परंपरा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।

विद्यालय के *चेयरमैन दिनेश चंद्र सर्राफ* ने अपने संदेश में कहा कि “गुरु ही इस जगत का आधार हैं। गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि वे चरित्र निर्माण कर जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। गुरु के बिना जीवन का प्रकाश अधूरा है।”

*डायरेक्टर आयुष कुमार सर्राफ एवं प्रीति सर्राफ* ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर के समकक्ष स्थान दिया गया है। गुरु ही विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार एवं भविष्य के वास्तविक निर्माता होते हैं। गुरु पूर्णिमा हमें अपने गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने तथा उनके आदर्शों का अनुसरण करने की प्रेरणा देती है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने गुरुजनों द्वारा प्रदर्शित सत्य, अनुशासन, सेवा एवं सदाचार के मार्ग पर चलते हुए आदर्श नागरिक बनेंगे तथा समाज और राष्ट्र के उत्थान में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

विद्यालय परिसर में पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, अनुशासन एवं भारतीय संस्कृति का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। वैदिक परंपराओं के अनुरूप सम्पन्न यह आयोजन विद्यार्थियों के जीवन में गुरु के महत्व को और अधिक सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ ।

कार्यक्रम का समापन सभी गुरुजनों के आशीर्वाद एवं मंगलकामनाओं के साथ सम्पन्न हुआ ।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में आकांक्षा गुप्ता, शुभा शर्मा, रवि यादव, महेंद्र गुप्ता, आस्था गुप्ता, नीलू पाठक, रिया सिंह, अनन्या सेठ, प्रीति कुमारी, प्रियंका मिश्रा, शिवांगी मोदनवाल एवं क्षमा पांडेय सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

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