दिव्या मित्तल ने किया राजनीति में उतरने का ऐलान, जारी किया मोबाइल नंबर

दिव्या मित्तल ने किया राजनीति में उतरने का ऐलान, जारी किया मोबाइल नंबर

बोलीं- किसी दल के साथ नहीं, लोगों के साथ करूंगी राजनीति; शिक्षक, डॉक्टर, मजदूर, वकील, छात्र और माताओं से जुड़ने की अपील

मीरजापुर। कुछ दिनों तक अपने मन में उठ रहे सवालों के जवाब न देने के बाद दिव्या मित्तल ने अब अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में आएंगी, लेकिन किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं, बल्कि आम लोगों के साथ मिलकर राजनीति करेंगी। उन्होंने इसके लिए लोगों से जुड़ने की अपील करते हुए मोबाइल नंबर 9198956957 जारी किया।

दिव्या मित्तल ने कहा कि लोगों ने उनसे पूछा कि जब वह बहुत कुछ कर चुकी हैं तो अब और क्या करना चाहती हैं। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अब वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जिनकी आवाज किसी सरकारी दफ्तर तक नहीं पहुंच पाती और पहुंच भी जाए तो सुनी नहीं जाती। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के 80 वर्षों का हिसाब उन लोगों को चाहिए, जिन्हें आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

उन्होंने एक गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां स्कूल केवल पांचवीं कक्षा तक है। इसके बाद जंगल और पहाड़ के बीच बच्चों की पढ़ाई रुक जाती है। उन्होंने कहा कि गांव की एक महिला ने उनसे आगे की कक्षाओं के लिए स्कूल की मांग की थी। उस समय उन्होंने नियमों को देखा और स्कूल स्वीकृत कराया, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी स्कूल का निर्माण शुरू नहीं हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कमी कहां थी—पैसे की, नियम की, स्वीकृति की या इरादे की।

दिव्या मित्तल ने कहा कि एक व्यक्ति बारिश के पानी में अपने कागज और उम्मीदों को लपेटकर उनके पास पहुंचा। उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पहले एक एसडीएम ने उसे सरकारी जमीन का छोटा सा टुकड़ा पट्टे पर दिया था। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लिए व्यवस्था में बदलाव जरूरी है, ताकि किसी व्यक्ति को अपनी जायज मांग के लिए सिफारिश या किसी प्रभावशाली व्यक्ति के फोन की जरूरत न पड़े।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल एक राजनेता को बदलना नहीं, बल्कि इरादे, न्याय, चिंता और सोच की राजनीति को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीति नहीं चाहिए जो लोगों को केवल संख्या मानकर सत्ता तक पहुंचने की सीढ़ी बनाए, बल्कि ऐसी राजनीति चाहिए जो लोगों को सुने और उनके बीच रुककर उनकी समस्याओं का समाधान करे।

दिव्या मित्तल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की मिट्टी उनकी कर्मभूमि है और नई राजनीतिक पहल की शुरुआत यहीं से होगी। उन्होंने शिक्षक, डॉक्टर, किसान, मजदूर, वकील, छात्र और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की चिंता करने वाली माताओं समेत आम लोगों से इस पहल से जुड़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि नई राजनीति कोई एक व्यक्ति नहीं बना सकता। इसके लिए उन लोगों की जरूरत होगी जो इस विचार को आगे बढ़ाएं, अपने गांव और कस्बे में इसे खड़ा करें और आम लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने लोगों से 9198956957 नंबर पर WhatsApp संदेश भेजकर उनके साथ जुड़ने की अपील की।

उन्होंने कहा कि किसी मसीहा का इंतजार करने के बजाय लोगों को खुद आगे आना होगा। उनका संदेश था कि “जिसका हमें इंतजार था, वह हम खुद हैं।”

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