बजाज स्कूल के एनसीसी कैडेट्स ने श्रमदान कर दिया स्वच्छता का संदेश

बजाज स्कूल के एनसीसी कैडेट्स ने श्रमदान कर दिया स्वच्छता का संदेश

मिर्ज़ापुर: विंध्याचल रोड स्थित सेठ द्वारका प्रसाद बजाज एजुकेशन सेंटर के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के छात्र-छात्राओं ने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के अंतर्गत शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए प्रेरित करना तथा समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करना था।
अभियान की शुरुआत विद्यालय परिसर से एनसीसी के एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर (एएनओ) संदीप गोस्वामी के कुशल नेतृत्व में की गई। इस दौरान कैडेट्स पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ हाथों में झाड़ू, कचरा उठाने वाले उपकरण और डस्टबिन लेकर विंध्याचल मार्ग व आसपास के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्रों में पहुंचे। छात्रों ने सड़कों के किनारे, डिवाइडरों, फुटपाथों तथा सार्वजनिक स्थानों पर फैले प्लास्टिक कचरे, सूखे पत्तों और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्र कर उनका सुरक्षित व उचित निस्तारण सुनिश्चित किया।
सफाई अभियान के साथ-साथ कैडेट्स ने स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और क्षेत्रीय निवासियों से सीधा संवाद भी स्थापित किया। कैडेट्स ने नागरिकों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में डालने, सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने तथा अपने घरों व प्रतिष्ठानों के सामने नियमित सफाई बनाए रखने की अपील की। कैडेट्स के इस समर्पण भाव और लगन को देखकर स्थानीय लोगों व राहगीरों ने भी उनके इस सामाजिक प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
इस अवसर पर NCC अधिकारी लेफ्टिनेंट संदीप कुमार गोस्वामी ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी न केवल युवाओं में सैन्य अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का संचार करती है, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने की दिशा भी प्रदान करती है। स्वच्छता केवल एक दिन का औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि इसे दैनिक जीवन का स्वाभाविक हिस्सा बनाना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।
अभियान के समापन के उपरांत विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. शिवानी कौशिक ने सभी एनसीसी कैडेट्स के श्रमदान और नागरिक उत्तरदायित्व की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी ही किसी भी बड़े सामाजिक बदलाव की वास्तविक ध्वजवाहक होती है। जब स्कूल के छात्र स्वयं आगे आकर स्वच्छता की बागडोर संभालते हैं, तो इसका प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है। डॉ. कौशिक ने कैडेट्स को भविष्य में भी ऐसे जनहितैषी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों में निरंतर सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

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