
मिर्जापुर। स्थानीय सेठ द्वारका प्रसाद बजाज एजुकेशन सेंटर में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय शौर्य उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
उत्सव के प्रथम दिवस एनसीसी कैडेट्स के साथ विशेष शौर्य संवाद आयोजित किया गया। लेफ्टिनेंट संदीप कुमार गोस्वामी (एएनओ) ने भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और देश की सीमाओं की रक्षा में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कैडेट्स को बताया कि किस प्रकार भारतीय जवानों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना दुश्मन के मंसूबों को विफल किया।
दूसरे दिन भारतीय सेना द्वारा उपलब्ध कराई गई ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इसमें भारतीय सेना की वीरता, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
समारोह के अंतिम दिन प्रधानाचार्या डॉ. शिवानी कौशिक ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। तिरंगे को सलामी देने के बाद सभी ने राष्ट्रगान किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों का शौर्य देश की सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से सैनिकों के त्याग और साहस से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
लेफ्टिनेंट संदीप कुमार गोस्वामी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता भारतीय थल सेना, वायु सेना और खुफिया एजेंसियों के उत्कृष्ट समन्वय का परिणाम है। कार्यक्रम के माध्यम से वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही युवा पीढ़ी में राष्ट्र प्रेम की भावना को भी मजबूत किया गया।















