
पुरानी पेंशन बहाली, सेवा सुरक्षा, स्थानांतरण नीति, कैशलेस उपचार और लंबित प्रकरणों के निस्तारण समेत कई मांगें उठाईं
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के तत्वावधान में शुक्रवार को जनपद के माध्यमिक शिक्षकों ने अपनी लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने 15 सूत्रीय मांगपत्र जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित किया। साथ ही जनपद स्तर की समस्याओं से संबंधित अलग ज्ञापन भी सौंपते हुए चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने को संबोधित करते हुए प्रांतीय संरक्षक डॉ. श्याम नारायण तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने अपने संघर्ष और बलिदान से शिक्षकों को सेवा सुरक्षा, वेतन वितरण अधिनियम और अन्य महत्वपूर्ण अधिकार दिलाए हैं।
पूर्व जिलाध्यक्ष उमाशंकर पांडेय ने कहा कि संघ के प्रयासों से पेंशन एवं परिवार पेंशन का कोषागार से भुगतान, केंद्रीय शिक्षकों के समान वेतनमान, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की स्थापना तथा मृतक आश्रितों की नियुक्ति जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियां मिलीं।
मंडलीय अध्यक्ष रमेश कुमार द्विवेदी ने सरकार पर शिक्षक विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2005 से पुरानी पेंशन समाप्त कर दी गई और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम-2023 के माध्यम से शिक्षकों की सेवा सुरक्षा कमजोर की गई है। उन्होंने अधिनियम की पूर्व व्यवस्था बहाल करने, आउटसोर्सिंग समाप्त करने तथा लिपिक एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियमित भर्ती की मांग की।
मंडलीय मंत्री डॉ. रविशंकर ओझा ने पुरानी पेंशन योजना तत्काल बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि शिक्षक अपना अधिकार मांग रहे हैं। धरना स्थल पर शिक्षकों ने “एनपीएस गो बैक” के नारे भी लगाए।
प्रांतीय कार्यसमिति सदस्य रविंद्र नाथ ने सहायता प्राप्त एवं वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मांग उठाई। वहीं जगदीश मिश्रा ने शिक्षा विभाग में सिटीजन चार्टर लागू करने, सामूहिक जीवन बीमा और व्यावसायिक एवं कंप्यूटर शिक्षकों के समायोजन की मांग की।
जिलाध्यक्ष सुशील कुमार तिवारी ने स्थानांतरण प्रक्रिया को सरल बनाने, एनओसी की अनिवार्यता समाप्त करने, नगर प्रतिकर भत्ता तथा वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय देने की मांग रखी।
जिला मंत्री संजय सिंह ने कहा कि डीआईओएस कार्यालय में शिक्षकों के मामलों को महीनों लंबित रखा जा रहा है। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना में शामिल शिक्षकों के एनपीएस अंशदान को ब्याज सहित जीपीएफ खाते में स्थानांतरित करने की मांग की।
उपाध्यक्ष पवन उपाध्याय ने सभी विद्यालयों की एनपीएस पासबुक अद्यतन कराने तथा ब्याज सहित जमा धनराशि का सही आकलन कराने की मांग की। कोषाध्यक्ष विनोद विश्वकर्मा ने शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य न कराने और जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों को अर्जित अवकाश देने की मांग उठाई। प्रांतीय कार्यसमिति सदस्य मनोज सिंह ने 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को मूल वेतन में जोड़कर वेतन निर्धारण तथा कोरोना काल में फ्रीज डीए और नगर प्रतिकर भत्ते का भुगतान कराने की मांग की।
महिला उपाध्यक्षा सुधा गुप्ता ने विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, एरियर और वेतन निर्धारण से जुड़े लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कराने की मांग की।
धरने को पूर्व मंडलीय अध्यक्ष कृपा शंकर चतुर्वेदी, संगठन मंत्री संदीप सिंह सहित अनेक पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
धरना स्थल पर पहुंचे जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार दीक्षित ने ज्ञापन प्राप्त कर शिक्षकों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद जिलाध्यक्ष सुशील कुमार तिवारी के अध्यक्षीय संबोधन एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ धरना समाप्त हुआ।















