मिर्जापुर में दहेज हत्या के मामले में चार दोषियों को उम्रकैद, 32 हजार रुपये का जुर्माना

दहेज हत्या के मामले में चार दोषियों को उम्रकैद, 32 हजार रुपये का जुर्माना

मीरजापुर। लगभग 12 वर्ष पुराने दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी दोषियों पर कुल 32 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

पुलिस के अनुसार थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में वर्ष 2014 में दर्ज दहेज हत्या के मुकदमे में यह फैसला आया है। वादी ओम प्रकाश निवासी मड़ई मड़फा, थाना चुनार ने अपनी बहन की दहेज की मांग को लेकर हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए 20 नवंबर 2014 को नामजद तहरीर दी थी। इस आधार पर कोतवाली देहात में धारा 498ए, 304बी भादवि तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य संकलित कर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा था। बाद में “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत मामले की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं सशक्त पैरवी कराई गई। अभियोजन पक्ष ने गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर साक्ष्य साबित किए।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) ऋचा जोशी की अदालत ने सुनवाई के बाद दिनेश, नरायन, धनपत्ती और सुरेश निवासी बरकछा, थाना कोतवाली देहात को दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास तथा कुल 32 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि जनपद में “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत महिला अपराधों सहित अन्य जघन्य अपराधों के मामलों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना और प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है।

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