विंध्य क्षेत्र में विकसित होगा विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन

नव दुर्गा पार्क से लाइट एंड साउंड शो तक, विंध्य क्षेत्र में विकसित होगा विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन

मीरजापुर, 30 जुलाई। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गुरुवार को मीरजापुर मंडल में पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की प्रस्तावित और निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए धार्मिक पर्यटन को विश्वस्तरीय स्वरूप देने पर जोर दिया। बैठक में लगभग 48 करोड़ रुपये की लागत वाली 18 पर्यटन परियोजनाओं की प्रगति और प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव गौड़, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली, विधायक रत्नाकर मिश्र, रमाशंकर सिंह पटेल, अनुराग सिंह, सुचिस्मिता मौर्या, रिंकी कोल, दीनानाथ भास्कर, विपुल दूबे, भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज, अपना दल (एस) के जिलाध्यक्ष राम लौटन बिंद, मंडलायुक्त राजेश प्रकाश तथा जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। सोनभद्र और भदोही के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

मंडल के लिए प्रस्तावित 18 परियोजनाओं में मीरजापुर की 15, भदोही की 2 और सोनभद्र की 1 परियोजना शामिल हैं। इनका उद्देश्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बुनियादी पर्यटन सुविधाओं का विस्तार कर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना है। मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने एक करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं नवंबर 2026 तक तथा डेढ़ करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं छह माह के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

मीरजापुर में प्राचीन भगवान शंकर मंदिर, चुनार के शिव मंदिर, शिवपुर स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास की योजनाओं की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं के माध्यम से जिले में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक का प्रमुख आकर्षण मां विंध्यवासिनी त्रिकोण मार्ग विकास योजना रही। करीब 25 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत नव दुर्गा पार्क, लाइट एंड साउंड शो, टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर तथा श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे विंध्याचल आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भदोही में ज्ञानपुर के प्राचीन दशहरा मेला स्थल और सीता धाम के विकास तथा सोनभद्र के ओबरा स्थित शिव मंदिर में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। संस्कृति विभाग ने सोनभद्र के इष्टिका मंदिर परिसर में बाउंड्री वॉल और गार्ड रूम निर्माण, परासी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण तथा मीरजापुर के ऐतिहासिक घंटाघर के संरक्षण एवं संवर्द्धन के प्रस्ताव प्रस्तुत किए।

धर्मार्थ कार्य विभाग ने मां विंध्यवासिनी मंदिर, मां अष्टभुजा मंदिर और मां कालिखोह मंदिर को जोड़ने वाले विंध्य पथ त्रिकोण क्षेत्र में लगभग 43.38 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही परिक्रमा पथ परियोजना की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। इसके अलावा सोनभद्र के एक शिव मंदिर के अनुरक्षण एवं रखरखाव के लिए लगभग 37 लाख रुपये के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई।

बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की स्वीकृत निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई। मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने मंत्री को आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। बैठक से पहले जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने मंत्री और उपस्थित जनप्रतिनिधियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

बैठक के अंत में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण, सतत निगरानी और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी परियोजनाओं को उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा कराने के निर्देश दिए।

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